संदिग्ध हाल में चाय विक्रेता की मौत
शव की स्थिति देखकर लोग हत्या कर शव फंदे से लटकाने की जताई आशंका
प्रथमदृष्टया पुलिस मान रही आत्महत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजर
अमर उजाला ब्यूरो
फाजिलनगर । तुर्कपट्टी क्षेत्र में भलुही चौराहा पर एक चाय विक्रेता की संदिग्ध हाल में मौत हो गई। शव से उठ रही बदबू और पास में रखे बर्तनों में लगे खून के छींटे को देखकर लोगों ने हत्या कर शव को फंदे से लटकाए जाने की आशंका जताई। जबकि पुलिस ने प्रथमदृष्टया आत्महत्या का मामला मानते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर पुलिस की नजर टिकी हुई है।
कसया क्षेत्र के डुमरी चुरामन छपरा गांव निवासी 30 वर्षीय दिनेश मद्धेशिया चार माह पूर्व तुर्कपट्टी क्षेत्र के भलुही चौराहे पर चाय की दुकान खोले थे। वह अपनी 28 वर्षीय पत्नी प्रियंका एवं दो बच्चों के साथ दुकान में ही रहते थे। पत्नी ने बताया कि शनिवार को नवरात्र के प्रथम दिन गांव चली गई थी। रात दस बजे पति से उसकी मोबाइल पर बातचीत हुई थी। उसके बाद पति का मोबाइल बंद हो गया। रविवार की देर रात कई बार फोन की, लेकिन मोबाइल बंद होने की वजह से संपर्क नहीं हो पाया। सोमवार की सुबह वह दुकान पर पहुंची तो दुकान का दरवाजा खुला था। अंदर बल्ली से फंदे में पति का लटकता शव मिला। पत्नी के रोने की आवाज सुनकर आस-पास के लोग जुट गए। शव से बदबू उठ रहा था। इससे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि शनिवार की रात में ही युवक की मौत हो गई थी। जबकि मौके पर रखे बर्तनों पर खून के छींटे के निशान दिखाई दिए। प्रत्यक्षदर्शियों ने आशंका जाहिर की कि दुकानदार की हत्या के बाद आत्महत्या की शक्ल देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया होगा। एसओ तेज जगन्नाथ ने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट हो जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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संदिग्ध हाल में झुलसी महिला की उपचार के दौरान मौत
खड्डा। हनुमान क्षेत्र के जिंदाछापर गांव निवासी एक महिला रविवार की शाम संदिग्ध हाल में झुलस गई। पहले लोग महिला को सीएचसी तुर्कहा फिर जिला अस्पताल ले गए। वहां से रेफर हुई महिला की गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में सोमवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल शुरू की।
हनुमानगंज थाना क्षेत्र के जिंदाछपरा गांव निवासी अवधेश की 35 वर्षीय पत्नी संतरा देवी रविवार की शाम अपनी झोपड़ी में अकेली थीं। तभी घर के अंदर से लपट निकलती देखकर आस-पास के लोग दौड़े और आग बुझाने में जुट गए। बाद में बुरी तरह से झुलसी दो बच्चों की मां संतरा को लोग तुर्कहा सीएचसी ले गए। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बाद में जिला अस्पताल से भी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। सोमवार की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई । सूचना पर पहुंची हनुमानगंज पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की तहकीकात की। एसओ ब्रजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि जलकर मरी महिला मानसिक रूप से बताई जा रही है। जांच-पड़ताल में प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।