कभी मुखबिर तो कभी उच्चाधिकारी बनकर कोतवाली और थाना प्रभारियों को ठगने वाले शातिर को अतरौली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि बुलंदशहर की देहात कोतवाली के ग्राम जैनपुर निवासी नितिन शर्मा पुत्र सुभाष चंद्र शर्मा खुद को पुलिस का मुखबिर बताकर थाना और कोतवाली प्रभारियों के साथ ठगी करता था। गत 29 मार्च को नितिन शर्मा ने अतरौली के प्रभारी निरीक्षक एसपी उपाध्याय के सीयूजी नंबर पर फोन कर कहा कि चोरी के दो वाहन सीतापुर से पकड़ने हैं। तब उसने खुद को लखनऊ का एसएसपी बताया, लेकिन एसपी उपाध्याय पूर्व में पीलीभीत में लखनऊ एसएसपी के अधीन तैनात रह चुके थे। इसके कारण उन्होंने आवाज पहचान ली। बाद में एसएसपी लखनऊ के पीआरओ सुजीत दुबे से वास्तविकता पूछी। पता चला कि एसएसपी ने कोई फोन नहीं किया। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक ने नितिन शर्मा के बारे में सर्विलांस के जरिये जानकारी जुटाई। उसे अतरौली चौराहे के पास रविवार शाम छह बजे बुलाया। यहां उसे गिरफ्तार कर लिया। नितिन वाहन में पेट्रोल भरवाने और अन्य काम के लिए पांच से दस हजार रुपये ठग लेता था। जांच में पता चला है कि नितिन का पिता पुलिस के लिए मुखबिरी करता था।