कसया। विवाहिता के लापता होने की तहरीर देने के एक पखवाड़े बाद भी कार्रवाई न होने से नाराज शिकायतकर्ता और उसके घरवालों ने सोमवार को विवेचना के लिए पहुंची हाटा के प्रभारी कोतवाल को बैठा लिया। सूचना मिलने पर पहुंची कसया पुलिस ने तीन दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन देकर प्रभारी कोतवाल को मुक्त कराया। विवाहिता के पिता ने बेटी की हत्या कर शव गायब करने की तहरीर दी है।
कसया थाना क्षेत्र के सिरसिया खोहिया गांव के निवासी गोकुल ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी संध्या की शादी हाटा कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव रधिया देवरिया में सत्येंद्र यादव से की थी। बेटी के लापता होने पर उन्होंने एक पखवाड़े पहले कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने 24 जून 2018 की रात पति, ससुर, सास व ननद पर उनकी पुत्री ही हत्या करने और शव को छिपाने का आरोप लगाया था। आरोप है कि पिता की तहरीर पर 27 जून को हाटा पुलिस ने दहेज उत्पीड़न सहित विभिन्न धाराओं केस दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर ली।
कार्रवाई न होने पर पिता ने आईजी, एसपी सहित उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर हाटा पुलिस पर आरोपियों के बचाने का आरोप लगाया था। इसके बाद सोमवार को विवेचना के लिए प्रभारी एसओ सिरसिया खोहिया गांव पहुंचे तो पीड़ित पक्ष ने उन्हें घेर लिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना मिलने पर कसया थाने की पुलिस पहुंची और प्रभारी कोतवाल को मुक्त कराया। इस संबंध में कसया थाने के एसओ शैलेश कुमार सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में है। पुलिस मामले की जांच के लिए गई थी।