पडरौना। जिले के जिन 14 गांवों में शौचालय बनवाने के लिए ग्राम पंचायतों को एक करोड़ आठ लाख रुपये जारी किए गए थे, वहां की हालत यह है कि 157 शौचालय अधूरे हैं तो 76 का निर्माण ही शुरू नहीं हुआ और जिनका निर्माण करा दिया गया है, उनकी गुणवत्ता सही नहीं है।
ऐसी दशा में 14 ग्राम प्रधानों और सचिवों को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने इनके विरुद्ध एफआईआर से लेकर रिकवरी तक कराने का निर्णय लिया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत कप्तानगंज क्षेत्र के शाहपुर (महुअवा बुजुर्ग), पडरौना के खड्डा बुजुर्ग, तमकुही के तिरमासाहुन, सुकरौली के चिलुआ, फाजिलनगर के सोहंग, मोतीचक के मोहम्मदा जमीन सिकटिया, कसया के धनहां (मल्लूडीह), खड्डा के सिसवा गोपाल, दुदही के शाहपुर उचकीपट्टी, विशुनपुरा के कंठीछपरा, नेबुआ नौरंगिया के कोहरगड्डी, हाटा के डुमरी स्वांगीपट्टी, सेवरही के बसडिला गुनागर और रामकोला क्षेत्र के टेकुआटार सहित जनपद के 14 ब्लॉकों से 14 गांव चुने गए थे।
विभाग की मानें तो 2015-16 में इन गांवों में 900 शौचालय बनवाने के लिए 12 हजार रुपये की दर से करीब 1.08 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए थे। शौचालय बनवाने का जिम्मा ग्राम प्रधानों और सचिवों को दिया गया था। इधर इन शौचालयों का सत्यापन कराया गया तो 642 ही पूर्ण पाए गए। 157 अपूर्ण मिले, जबकि 76 शौचालयों का निर्माण ही नहीं कराया गया था।
इसके अलावा बने हुए शौचालयों की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के कारण इन गांवों के ग्राम प्रधानों और सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि एक सप्ताह के अंदर अपना स्पष्टीकरण नहीं देते हैं तो उनके विरुद्ध केस दर्ज कराने के साथ ही कुल धनराशि की रिकवरी भी कराई जाएगी।