पडरौना। म्यांमार के यांगून में फंसे बिहार के एक और पडरौना शहर के दो युवकों से घर वालों का दो दिन से संपर्क टूट गया है। घर वाले अपनों की वापसी की टकटकी लगाए हैं। बार-बार उनके मोबाइल नंबरों पर व्हाट्सएप काॅल के जरिए संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा है।
वहीं, युवक फेसबुक व व्हाट्सएप पर अपने फोटो के साथ मैसेज भेजकर घर वापसी के लिए गुहार लगा रहे हैं। मोहम्मद उस्मान अपने मोहल्ले से सभासद का चुनाव लड़ चुका है। शहर के लोगों के व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये मैसेज और पोस्टर बनाकर वतन वापसी की गुहार लगा रहे हैं। युवकों के परिजन सोमवार को डीएम से मिलकर स्वदेश वापसी की प्रक्रिया में तेजी लाने की गुजारिश करेंगे।
शहर के महाराणा प्रताप नगर के रहने वाले मोहम्मद उस्मान और मोहम्मद हसन तथा इनका दोस्त सीतामढ़ी के अनुरंजन जालसाजों के चक्कर में फंसकर म्यांमार के यांगून के पहाड़ी क्षेत्रों में फंस गए हैं। वहां पर तीनों भारतीय युवकों के अलावा चीन के भी युवक हैं। उनसे साइबर ठगी का काम कराया जा रहा है। इधर, दो दिन से उनकी परिजनों से बात भी नहीं हो पा रही है।
मोहम्मद उस्मान के भाई मोहम्मद अमीर अंसारी ने बताया कि दो दिन से बात नहीं हो पा रही है। आज दिन में मैसेज आया था...क्या हो रहा है, यहां पर बिगड़ती जा रही तबीयत.. वापसी का जल्दी आप लोग कुछ करो..।
शनिवार को सीतामढ़ी के रहने वाले अनुरंजन की तबीयत बिगड़ने से बेहोश हो गया था। इसका फोटो मोहम्मद उस्मान सोशल मीडिया पर शेयर भी किया था। युवकों के परिजनों ने बताया कि अब उनकी चिंता बढ़ गई है। पहले रोज सुबह व्हाट्सएप कॉल पर बात हो जाती थी, लेकिन अब बात नहीं होने से अनहोनी की चिंता सता रही है। मोहम्मद हसन की मां जुबैदा ने बताया कि दो दिन से बात या मैसेज कुछ भी नहीं आ रहा है। उन्हाेंने प्रशासन से बेटों की घर वापसी की मांग की है।