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Kushinagar News: सिस्टम की बेरुखी से गैस सिलिंडर के लिए भटक रहे उपभोक्ता

Tue, 28 Apr 2026 02:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। जिले में रसोई गैस की किल्लत कम होने का नाम ले रही है। इस किल्लत के बीच सिस्टम की बेरुखी के चलते उपभोक्ता एक-एक सिलिंडर के लिए भटक रहे हैं। कुछ दिन से एक नया मामला सामने आ रहा है। जिसमें उपभोक्ता की तरफ से कराए गए बुकिंग को खारिज कर दिया जा रहा है, इसके चलते उपभोक्ता को गैस सिलिंडर आपूर्ति से वंचित होना पड़ रहा है। यही,नहीं उपभोक्ता को फिर से वही पुरानी प्रक्रिया अपनानी पड़ रही है। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से बुकिंग, डीएसी कोड व पर्ची कटवाने के झमेले में फंसकर कई दिनों तक गोदाम व एजेंसी का चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस अव्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में गुस्से का माहौल है।
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पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते आई रसोई गैस की किल्लत के करीब दो महीने पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन अब भी उपलब्धता को लेकर गोदामों पर मारामारी की स्थिति बनी हुई है। शुरूआत में किल्लत के बीच उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी के लिए कतारें लगानी पड़ी। बुकिंग व डीएसी के बाद ही गैस सिलिंडर की आपूर्ति उपभोक्ताओं को दिए जाने का फरमान जारी कर दिया गया है और अनुपालन भी होने लगा। लेकिन जब बैकलॉग जिले में करीब सवा लाख से पार कर गया तो कंपनियों ने एक नया खेल आरंभ कर दिया है,जिसमें बुकिंग ही खारिज कर दी जा रही है। इस अव्यवस्था से उपभोक्ता मेहनत व समय की बर्बादी हो रही है।
यह हाल बीते दो से आठ अप्रैल के बीच बुकिंग करने वाले उपभोक्ताओं के सामने आई। उनके मोबाइल पर खारिज के मैसेज भेज दिए गए। इससे उपभोक्ता अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
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कोट:-
रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर कंपनियों के सेल्स अफसरों के साथ मीटिंग कर फीड बैक लिया जा रहा है। कंपनियों के जिम्मेदारों को भरपूर आपूर्ति बहाल कराए जाने के लिए लगातार बातचीत की जा रही है। सहालग सीजन के चलते भी गैस की उपलब्धता को लेकर कुछ दिक्कतें आई हैं। कालाबाजारी व जमाखोरी के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। -कृष्ण गोपाल पांडेय, डीएसओ,कुशीनगर
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उपभोक्ता बोले
रसोई गैस की किल्लत के बीच नियमों में बार-बार बदलाव आपूर्ति में बन रही बाधा। उपभोक्ता सिर्फ जारी नए फरमानों को पूरा करने में समय को बर्बाद करने को मजबूर हैं,वहीं,सभी नियमों के पूरे होने के बावजूद गैस एजेंसी संचालकों की भी खूब चल रही है। ऐसे में ऑनलाइन सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बावजूद मैनुअल व कतार में लगने के बाद ही एक सिलिंडर मिल पा रहा है। यह कुप्रबंधन है। ऐसा नहीं होना चाहिए। -संजय जायसवाल, शहरवासी
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गैस सिलिंडर की होम डिलीवरी की पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। इससे उपभोक्ताओं की बेवजह गोदाम व एजेंसी का चक्कर लगाने से निजात मिल जाएगी। उनका समय बर्बाद नहीं होगा। लेकिन यहां सभी नियमों के बावजूद हालात विपरीत हैं। गैस सिलिंडर उपभोक्ता तक आपूर्ति होने को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। -सुशील मोदनवाल, शहरवासी
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