पडरौना। 32 साल के इंतजार क बाद आखिरकार डाकघर के अपने भवन का निर्माण शुरू हो गया है। एक साल में भवन का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। करीब पांच करोड़ रुपये इस पर खर्च होगा।
जमीन और बजट होने के बावजूद नियमों के पेच में डाकघर का भवन निर्माण अधर में लटका रहा। डीएम महेंद्र सिंह तंवर की पहल के बाद नक्शा पास हुआ और निर्माण के लिए स्वीकृति मिली। अभी शहर के गांधी नगर मोहल्ले में जर्जर किराए के भवन में डाक घर का संचालन होता है।
वर्ष 1993 में कुशीनगर जिला बनने के बाद रविंद्र नगर में करीब एक एकड़ जमीन डाक घर के भवन निर्माण के लिए मिली लेकिन नक्शा पास कराने में नियमों का पेच फंसने लगा। इसके लिए निर्माण कार्य अधर में लटक गया। इसी चक्कर में करीब 18 साल से हर साल डाक विभाग की ओर से भवन निर्माण के लिए बजट आकर लौट जाता था।
राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह की पहल और डीएम के प्रयास से भवन निर्माण में आने वाले अड़चनों को शासन स्तर पर वार्ता कर सुलझा लिया गया। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने निर्माण शुरू कर दिया है। डाक सेवा के साथ-साथ पासपोर्ट कार्यालय भी इस भवन में संचालित होगा। इससे लोगों को काफी सहूलियत होगी। पडरौना डाक अधीक्षक के अनुसार जिला की जब स्थापना हुई तभी प्रधान डाक घर के लिए रविंद्र नगर धूस में जमीन मिल गई। वर्ष 2007 में भवन निर्माण की स्वीकृत भी मिल गई और 2022 में चार करोड़ बजट भी आ गया, लेकिन तत्कालीन डीएम की ओर से एक एकड़ जमीन में सिर्फ दस प्रतिशत ही जमीन उपलब्ध कराने के कारण भवन निर्माण में पेच फंस गया था।