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Kushinagar News: ऑपरेशन के बाद सिपाही की पत्नी की मौत, 14 घंटे हंगामा

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मृतिका अन्नू यादव का फाइल फोटो।
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कसया(कुशीनगर)। गोपालगढ़ हाईवे स्थित हंसराज मेमोरियल हॉस्पिटल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद सिपाही की पत्नी की मौत को लेकर रविवार को करीब 14 घंटे हंगामा हुआ। परिजन शव को अस्पताल में रखकर प्राथमिकी दर्ज कराने और अस्पताल सील कराने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिस और परिजनों में झड़प भी हुई। बाद में एसपी केशव कुमार पीड़ित सिपाही के परिजनों से बात कर कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद घर वालों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया है। नवजात बच्ची स्वस्थ बताई जा रही है।
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बलिया जिले के बांसडीह थाना क्षेत्र के धनपलिया गांव निवासी प्रमोद यादव कुशीनगर पर्यटन थाने में सिपाही हैं। उनकी 28 वर्षीय पत्नी अन्नू यादव गर्भवती थीं। उनका हंसराज मेमोरियल हॉस्पिटल में उपचार चल रहा था। शनिवार दोपहर करीब दो बजे प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। सिपाही प्रमोद यादव ने बताया कि शनिवार की शाम करीब 4:30 बजे ऑपरेशन से बच्ची का जन्म हुआ। ऑपरेशन के बाद रात करीब आठ बजे तक अन्नू की हालत ठीक थी। इंजेक्शन और दवा देने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। सिपाही चिकित्सकों से पत्नी को दूसरे अस्पताल रेफर करने का अनुरोध किया लेकिन रेफर नहीं किया गया।

आरोप है कि रात करीब 11 बजे डॉ. विवेक सिंह अस्पताल पहुंचे। रेफर करने की बात को लेकर उनके साथ अभद्रता भी की गई। रात करीब 1:30 बजे अन्नू की अस्पताल में मौत हो गई थी। घर वालों का आरोप है कि इसके बाद चिकित्सक और अस्पताल के कर्मचारी प्रसूता व नवजात को छोड़कर वहां से भाग गए। प्रमोद यादव ने अस्पताल की एंबुलेंस से पत्नी और नवजात को ले जाने का प्रयास किया तो मुख्य गेट बंद कर दिया गया।
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एंबुलेंस चालक को वाहन ले जाने से मना कर दिया गया। प्रमोद स्वयं एंबुलेंस चलाकर गोरखपुर जाने का प्रयास किया। उनका आरोप है कि रास्ते में एंबुलेंस का जीपीएस बंद करा दिया गया, जिससे वाहन रुक गया। बाद में सरकारी एंबुलेंस से नवजात को गोरखपुर एम्स ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद अन्नू को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर अस्पताल लौटे और हंगामा शुरू कर दिया।

कसया सीओ डॉ. अजय कुमार सिंह और थानाध्यक्ष इत्यानंद पांडेय ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे मुकदमा दर्ज कराने और अस्पताल सील करने की मांग पर अड़े रहे। घटना के बाद सीएमओ के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ अवधेश कुशवाहा, सीएचसी प्रभारी मार्कंउेय चतुर्वेदी समेत चिकित्सकों की टीम ने अस्पताल की जांच की। टीम ने चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों से घटना की जानकारी ली और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपने की बात कही।

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-शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। डीएम ने मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया है। डाॅक्टरों की टीम में एक एसडीएम भी शामिल रहेंगे। तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देनी है। जांच टीम एम्स के डाॅक्टरों से भी संपर्क करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -सिद्धार्थ वर्मा, एएसपी कुशीनगर

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अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को बताया निराधार

-अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विवेक सिंह ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि महिला का प्लेटलेट्स काउंट कम था। जांच के बाद प्लेटलेट्स चढ़ाया गया। रात करीब 10 बजे मरीज को घबराहट होने लगी तो ऑक्सीजन दी गई। हालत बिगड़ने पर उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया गया। उनके अनुसार, मरीज को रेफर कर दिया जाता, तब भी रास्ते में उसकी मौत हो जाती।

डॉक्टर के समर्थन में उतरा मेडिकल एसोसिएशन

घटना के बाद मेडिकल एसोसिएशन भी अस्पताल प्रबंधन के समर्थन में सामने आया। जिलाध्यक्ष डॉ. जीपी राय के नेतृत्व में एसोसिएशन के सदस्य अस्पताल में मौजूद रहे। डॉ. जीपी राय ने कहा कि चिकित्सक मरीज को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करता है। किसी अप्रिय घटना के लिए सीधे चिकित्सक को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई हुई तो संघ इसका विरोध करेगा।

मृतिका अन्नू यादव का फाइल फोटो।

मृतिका अन्नू यादव का फाइल फोटो।

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