नेबुआ नौरंगिया। विशुनपुरा ब्लाॅक के नरचोचवा गांव में तत्कालीन ग्राम प्रधान व सचिव की ओर से खलिहान व खाद गड्ढे की भूमि पर सरकारी धन से निर्माण कराए जाने के मामले की जांच में धन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है। जांच आख्या के आधार पर एसडीएम सदर व्यास नारायण उमराव ने तत्कालीन ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी को पत्र भेजा है।
गांव के शैलेश तिवारी ने शपथपत्र के साथ 15 जनवरी को मुख्यमंत्री के जनता दरबार में शिकायत की थी। उन्होंने शिकायती पत्र के माध्यम से खलिहान, खाद गड्ढा की भूमि पर सरकारी धन से निर्माण कराने का आरोप लगाते हुए बताया था कि उनके गांव में स्थित खलिहान के तीन और खाद गड्ढा के एक भूखंड पर तत्कालीन ग्राम प्रधान व सचिव ने मिलीभगत कर सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन, खड़ंजा व इंटरलाकिंग सड़क का निर्माण करा दिया। इस पर राज्यवित्त एवं चौदहवां वित्त के धन से लगभग 20 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। दोनों लोगों ने अपने पद व सरकारी धन का दुरुपयोग किया है।
शासन की गाइडलाइन है कि खलिहान व खाद गड्ढा की भूमि पर किसी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता है। इस भूमि का उपयोग सार्वजनिक रूप से किसानों की ओर से फसलों की मड़ाई व खाद रखने के लिए किया जा सकता है।
शिकायत का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री के अनु सचिव अरविंद सिंह ने डीएम विशाल भारद्वाज को नियमानुसार कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर ने तहसीलदार से प्रकरण की जांच कराई। जांच के दौरान सरकारी धन का दुरुपयोग किए जाने की पुष्टि हुई है। संवाद