जानकीनगर। रविंद्र नगर धूस थाना क्षेत्र के कोहड़ा गांव में ट्रांसफार्मर ब्लास्ट होने से झुलसे दंपत्ती व छोटे पुत्र की तबीयत मंगलवार को अचानक बिगड़ गई। डाॅक्टरों ने तीनों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया, जहां तीनों का इलाज चल रहा है। हालत चिंताजनक बताई जा रही है। वहीं दूसरे दिन गांव की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।
कोहड़ा गांव में सोमवार को ट्रांसफार्मर ब्लास्ट होने से बरामदे में बैठे में महेश्वर सिंह, इनकी पत्नी अंगिरा देवी, बेटे आयांश, दिव्यांश बुरी तरह झुलस गए। गांव वालों के अनुसार ट्रांसफार्मर ब्लास्ट हुआ तो इसका तेल बरामदे में बैठे लोगों पर पहुंच गया। गंभीर रूप से झुलसे चारों का इलाज कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। मंगलवार को स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर डाक्टरों की टीम ने दंपती और छोटे बेटे आयांश को गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। तीनों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
वहीं दूसरे दिन ब्लास्ट हुआ ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा सका। इसके चलते पूरे गांव की बिजली आपूर्ति ठप है। गांव वालों का कहना है कि 63 केबीए के ट्रांसफार्मर की क्षमता 100 केबीए बढ़ाने की मांग की जा रही है, लेकिन इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी अभी तक ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि कर नहीं बदला गया। मेडिकल कॉलेज में भर्ती परिवार के चारों सदस्यों की हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने मंगलवार दोपहर के बाद तीन घायलों को गंभीर स्थिति में रेफर कर दिया। इनमें महेश्वर सिंह (40), उनकी पत्नी अंगिरा देवी (37) और उनका छोटा पुत्र आयांश सिंह (3) शामिल हैं। घटना के बाद परिवार में गहरा सदमा और चिंता का माहौल है। वहीं ग्रामीण भी इस हादसे से सहमे हुए हैं। घायलों के इलाज को लेकर चिकित्सकीय टीम लगातार निगरानी बनाए हुए है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि झुलसे हुए तीन लोगों के स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।