गोरखपुर। भगवान शिव की आराधना और भक्ति से सराबोर तीस दिवसीय सावन मास का शुक्रवार को समापन हो गया। 30 जुलाई से शुरू हुए सावन के अंतिम दिन भी शिवालयों में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा की। मंदिरों में हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। शनिवार से भाद्रपद्र का महीना शुरू होगा।
इस बार सावन में चार सोमवार पड़े। पहला सोमवार तीन अगस्त, दूसरा 10, तीसरा 17 और चौथा सोमवार 24 अगस्त को रहा। इन दिनों शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और प्रसाद अर्पित किया। कई श्रद्धालुओं ने पूरे सावन व्रत रखकर भगवान शिव की आराधना की।
कुनराघाट स्थित महादेव झारखंडी मंदिर, राजघाट स्थित बाबा मुक्तेश्वरनाथ मंदिर और अंधियारी बाग स्थित मानसरोवर मंदिर में पूरे सावन श्रद्धालुओं की भीड़ रही। प्रत्येक सोमवार को यहां आस्था का उत्साह और बढ़ गया था। कुनराघाट स्थित महादेव झारखंडी मंदिर के पुजारी रविंद्र नाथ ने बताया कि सावन के अंतिम दिन शुक्रवार को भी श्रद्धालुओं ने शिवालयों में पहुंचकर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया।