पडरौना। सरकार की ओर से संचालित सरकारी योजनाएं जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में कोई कोर कसर न छोड़े। जांच में लापरवाही सामने आने पर क्षम्य नहीं होगी। इसका खामियाजा संबंधित विभाग के कर्मचारियों को भुगतना पड़ेगा। गांव में बने आरआरसी सेंटर का संचालन शुरू कराया जाए। जहां नहीं बना है, वहां उसका तत्काल निर्माण शुरू कराया जाए। एक-एक योजनाओं की मॉनीटरिंग शासन स्तर से की जा रही है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मनरेगा, एनआरएलएम, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, दिव्यांगजन, समाज कल्याण, भूगर्भ जल से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा में डीएम विशाल भारद्वाज ने यह बातें कही।
डीएम ने कहा कि गांवों में आरआरसी सेंटर का निर्माण जो भी अपूर्ण हैं। उसे अविलंब पूरा करें। जिन गांवों में जमीन नहीं मिल रही है। वहां के एसडीएम से संपर्क कर भूमि की तलाश कराए। सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ों के निस्तारण का उचित प्रबंधन किया जाए। इसमें हाईवे और प्रमुख सड़कों के किनारे लगने वाले कूड़े का अंबार न लगे। सहज जन सेवा केंद्र से संचालन एवं आवेदन के क्रम में डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि 980 के सापेक्ष 931 गांवों में संचालित हैं। 16 दिसंबर तक कुल 53643 आवेदन अभी तक ऑनलाइन कराए गए हैं। 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत क्षेत्र पंचायत व्यय विवरण के अंतर्गत समस्त ब्लॉकों में माह के अंत तक कार्य कराते हुए व्यय के सापेक्ष लक्ष्य को प्राप्त करने की बात कही।
मनरेगा के कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने मजदूरों को 100 दिन काम दिलाने के निर्देश दिए। डीएम ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि जिन आवासों के लिए बजट स्वीकृत हो गया हैं और काम शुरू है, उसमें बीडीओ स्वयं फील्ड में जाकर स्थितियों से अवगत हो। साथ ही लाभार्थी परक योजनाओं से सभी पात्र लाभार्थियों को आच्छादित करते हुए संतृप्त करें। सीडीओ ने कहा कि जिले में मुसहर समुदायों के ग्राम पंचायतों को चिह्नित किए गए हैं, विशेषकर उन्हें तथा साथ में अन्य पात्र लाभार्थियों को समस्त योजनाओं से संतृप्त किया जाए। उन ग्राम सभाओं में वृद्धा व दिव्यांग पेंशन, आयुष्मान कार्ड, आदि योजनाओं का लाभ शीघ्र पहुंचाया जा रहा है। इस दौरान पीडी जगदीश त्रिपाठी, बीडीओ कल्पना मिश्रा, डीपीओ विनय कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र कुमार राय, उपायुक्त स्वतः रोजगार, डीईएसटीओ संदीप, जिला दिव्यागंजन सशक्तिकरण अधिकारी अभय पांडेय आदि मौजूद रहे।