फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: लिखित परीक्षा लेकर परखी गई काबिलियत, छह को मिली थानेदारी

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में पहली बार थानाध्यक्ष पद के लिए आवेदन लेकर कराई गई परीक्षा, परखी गई कार्यकुशलता और संवेदनशीलता
विज्ञापन

पडरौना। कुशीनगर के पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने थानाध्यक्षों की तैनाती के लिए एक नई पहल की है। उन्होंने इच्छुक दरोगाओं से आवेदन मांगे और उनकी कार्यकुशलता परखने के लिए लिखित परीक्षा कराई। इस परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारियां दी गई हैं। यह व्यवस्था जिले में पहली बार लागू की गई है।

थाने की कमान संभालने के लिए अब सिर्फ वरिष्ठता और पूर्व अनुभव ही पर्याप्त नहीं होगा। संबंधित थानाक्षेत्र की जानकारी और कुशल व्यवहार वाले दरोगाओं को प्राथमिकता मिली है। पुलिस अधीक्षक की पहल पर 15 दिन में आवेदन और परीक्षा की प्रक्रिया पूरी हुई। परीक्षा में कानून-व्यवस्था, जिले की भौगोलिक स्थिति और अपराध संबंधी चुनौतियों की समझ परखी गई। करीब 20 दरोगाओं ने आवेदन किया था, जिसमें एक महिला दरोगा भी शामिल थीं। हालांकि, डीआईजी के अनुमोदन के अभाव में कुछ दरोगा वंचित रह गए। परीक्षा में तस्करी पर रोक, फरियादियों से व्यवहार और शिकायतों के निस्तारण पर सवाल पूछे गए। पूर्व में तैनात थानाध्यक्षों के बेहतर कार्यों की जानकारी भी परखी गई। एसपी केशव ने परीक्षा के आधार पर 22 पुलिसकर्मियों का फेरबदल किया।
विज्ञापन


पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि यह व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी। परीक्षा में पूछा तस्करी रोकने का उपायदरोगाओं से कुशीनगर में तस्करी रोकने के प्रभावी उपाय पूछे गए। फरियादियों के साथ पुलिसकर्मी का व्यवहार कैसा हो, इस पर भी सवाल थे। शिकायतों का निस्तारण कैसे किया जाए, यह भी परीक्षा का हिस्सा था।

यानी, सिर्फ पुलिस नियम-कानून का ज्ञान ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की अपराध प्रवृत्ति और जनसमस्याओं की समझ भी कसौटी बनी। शिकायत सुनना, पीड़ित से सम्मानजनक व्यवहार और समस्या का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण भी थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है। कुशीनगर पुलिस को आईजीआरएस में लगातार उपलब्धि मिलती रही है, जिससे जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर दिया जाता है।
छह थानेदार, चार चौकी इंचार्ज बनाए
एसपी की ओर से थानाध्यक्ष बनाने के लिए कराई गई परीक्षा में तत्कालीन स्वाट प्रभारी समेत 20 दरोगा शामिल हुए। परीक्षा पास करने वाले अमित सिंह, ⁠महेश चौबे, ⁠अरुण सिंह, ⁠महेंद्र प्रजापति, ⁠धर्मेंद्र सिंह और ⁠स्वतंत्र सिंह को थानाध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा ब्रह्म उपाध्याय,⁠ राम प्रवेश सिंह, ⁠अनुराग यादव, ⁠शिवम द्विवेदी को चौकी इंचार्ज बनाया गया है। कुछ लोगों का अनुमोदन नहीं था, बाकी लोग परीक्षा में फेल हो गए। चौकी इंचार्ज जिनको बनाया गया है वह कभी चार्ज पर नहीं रहे हैं। इसलिए इनको थानाध्यक्ष के बजाए चौकी इंचार्ज बनाया गया।
विज्ञापन


वर्जन
थानाध्यक्ष बनने की इच्छा रखने वाले पुलिसकर्मियों से आवेदन लिया गया था, उनकी कार्यकुशलता की परीक्षा कराई गई। परीक्षा में जो जिस तरह अंक पाया है, उस हिसाब से थाना, चौकी अन्य सेल का चार्ज दिया गया है। आगे भी यह व्यवस्था जारी रहेगी।
-केशव कुमार, एसपी कुशीनगर

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें