कुकुरहा गांव में हिंसक जानवर की तलाश करती वन विभाग की टीम और ग्रामीण।
मंसाछापर। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के कुकुरहा गांव में मंगलवार की शाम दो बकरियों को हिंसक जानवर ने शिकार बना लिया। इससे गांव के लोग भयभीत हैं। सरेह में जाने से भी लोग डरने लगे हैं। वहीं, वन विभाग की टीम दूसरे दिन बुधवार को भी जानवर की तलाश में जुटी रही। मंगलवार की पूरी रात लोग किसी अनहोनी के डर से हाथ में लाठी लेकर पहरा देते रहे। वन विभाग अभी तक यह पता लगाने में जुटा है कि कौन सा जानवर है। दरअसल, किसी जानवर के पदचिह्न भी वहां नहीं मिले हैं। अभी एक सप्ताह पहले ही एक तेंदुआ जंगल रामधाम विशुनपुरा में दिखा था। वन विभाग की तरफ से पिंजरा भी लगाया गया, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका।
मंगलवार की शाम कुकुरहा गांव निवासी रामू उर्फ बाढू का पुत्र छोटे सरपतही गांव के समीप बाड़ी में बकरी चराने गया था, जहां किसी हिंसक जानवर ने दो बकरियों को शिकार बना डाला। जानवर को देखकर चरवाहों में भगदड़ मच गई। गांव के लोगों ने बताया कि 20 दिन के अंदर क्षेत्र के पांच बकरियोंं को जानवर ने शिकार बनाया है। मंगलवार की शाम छठ घाट के समीप जानवर दिखा था, जिसे देख गांववालों ने लाठी-डंडा लेकर उसको दौड़ाया था। देर रात मामले की जानकारी होते ही वन क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र सिंह व वनरक्षक आकाश तिवारी के साथ टीम लेकर मौके पर पहुंचे और रात्रि गश्त कर जानवर की तलाश की। इस दौरान टीम ने गांववालों को हिंसक जानवर से बचने का उपाय भी बताया। दूसरे दिन बुधवार को भी टीम ने झरही व बगल के खेतों की तलाशी ली, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया। उधर, हिंसक जानवर के भय से चरवाहे सरेह में जाने से डरने लगे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों ने अपना रास्ता बदल दिया है। मंगलवार की पूरी रात लोग हाथ में लाठी-डंडा लेकर पहरा देते रहे।
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सूचना के बाद मैं खुद गांव में गया था, लेकिन अभी तक कोई पदचिह्न नहीं मिला है। इसके कारण कौन सा जानवर है, की पहचान नहीं हो सकी है। लगातार गांव में काबिंग कराई जा रही है। सत्येंद्र सिंह, वन रेंजर-पडरौना