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Kushinagar News: तिब्बत की भाषा, धर्म और संस्कृति को बदल रहा चीन

Sat, 13 Dec 2025 01:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पकवा इनार। भारत, तिब्बत की गुरु भूमि है। तिब्बतियों के लिए भारत सबसे बड़ा आशा का केंद्र है। भारत के लिए भी तिब्बत का स्वतंत्र होना खास होगा। भारत की सीमा चीन से नहीं बल्कि तिब्बत से मिलती है। इससे स्वतंत्र तिब्बत के महत्व को समझा जा सकता है। तिब्बत महायान बौद्ध का प्रमुख केंद्र है। तिब्बत में हिंदुओं का प्रमुख तीर्थ स्थल मानसरोवर स्थित है। चीन तिब्बत पर कब्जा करने के बाद से लगातार उसकी भाषा, धर्म, संस्कृति को बदलने के लिए प्रयासरत है।
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ये बातें भारत-तिब्बत समन्वय केंद्र नई दिल्ली की समन्वयक ताशी दीकी ने कही। वह शुक्रवार को बुद्ध पीजी कालेज कुशीनगर में आयोजित गोष्ठी में बोल रही थीं। कहा कि चीन तिब्बत के प्राकृतिक स्रोतों का तेजी से दोहन कर रहा है। इससे वहां के पर्यावरण और जल संसाधन को बहुत नुकसान हो रहा है।
प्रस्तावना भारत तिब्बत समन्वय मंच के क्षेत्रीय संयोजक डॉ. शुभलाल साह ने प्रस्तुत की। इस अवसर पर भारत तिब्बत संबंध सांझी विरासत एवं साझा भविष्य पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता के स्थान हासिल करने वाले अंजू कुशवाहा, विकास गुप्ता व बबली यादव को पुरस्कृत किया गया।
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