पडरौना। सर्दी बढ़ने के कारण इन दिनों बच्चों के अस्पतालों की ओपीडी में निमोनिया, कोल्ड डायरिया और (हाइपोथर्मिया) शरीर ठंडा होना के अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। डाॅक्टर की जांच में बच्चों का बीपी कम मिल रहा है। गंभीर मरीजों को चिकित्सक भर्ती करके इलाज कर रहे है, जबकि सामान्य मरीजों को दवा देने के साथ सतर्कता बरतने की सलाह देकर भेज दिया जा रहा है।
बीते तीन-चार दिन धूप होने के बाद मंगलवार को सुबह से ही आसमान में बादल जाने से ठंड बढ़ गई है। इससे बच्चों की सेहत पर प्रभावित पड़ रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ की जांच में बच्चों की सांस तेज चल रही है। सीने से घरघराहट की आवाज आ रही है। उल्टी दस्त और बुखार की शिकायत भी देखने को मिल रही है। ज्यादातर निमोनिया के मरीज पहुंच रहे हैं। बच्चों की ओपीडी में प्रतिदिन 100 के आसपास मरीज पहुंच रहे हैं, जिसमें 40 फीसदी से अधिक संख्या निमोनिया, बुखार व हाइपोथर्मिया से पीड़ित बच्चों की है। ज्यादातर बच्चे दवा से ही ठीक हो जा रहे हैं।
बाद कोल्ड डायरिया और हाइपोथर्मिया से पीड़ित बच्चे आ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक निमोनिया के लक्षण वाले बच्चों को स्वयं दवा न देकर परामर्श चिकित्सक से दिखाए। बच्चों को ठंडा पानी पिलाने से बचे। बच्चों को गुनगुना पानी दें।ो