पडरौना। पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियोमुक्त बनाए रखने के लिए रविवार को भी पल्सपोलियो अभियान चलाया गया। इसके लिए जिले भर में बने बूथों पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने बच्चों को पोलियोरोधी खुराक पिलाई।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. लालता प्रसाद ने बताया कि इस बार के अभियान में पांच वर्ष की उम्र तक के जिले भर के छह लाख 48 हजार बच्चों को पोलियोरोधी खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिले में 1600 बूथ बनाए गए हैं। रविवार को प्रत्येक बूथ पर एएनएम सहित दो स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई, जहां करीब दो लाख बच्चों को यह खुराक पिलाई गई।
इससे पहले सीएमओ डॉ. अखिलेश कुमार ने पडरौना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सोहरौना और नगर के पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय में बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाकर इस अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह खुराक पांच वर्ष तक के हर बच्चे के लिए जरुरी है। इस अभियान में एक भी बच्चा छूटना नहीं चाहिए। इस दौरान एसीएमओ डॉ.एसपी सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एसएन पांडेय, डॉ. शशिशेखर, डॉ. सुमंत पांडेय, डॉ. नीलकमल, बीके दीक्षित, मनीष शुक्ला आदि मौजूद थे। इसी तरह जनपद के सभी हिस्सों में बने बूथों पर दो बूंद जिंदगी की पिलाई गई।
पोलियो बूथ से गायब रहे शिक्षक
रामकोला। रविवार को पल्स पोलियो अभियान के तहत रामकोला के बूथ से शिक्षक गायब रहे। कई जगह एएनएम भी नहीं पहुंचीं। मतदाता पुनरीक्षण कार्य में लगे बीएलओ ने बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाई। रामकोला कस्बे के बीआरसी परिसर में स्थित प्राथमिक विद्यालय में पोलियो ड्राप पिलाने के दौरान बीएलओ तीर्थराज गुप्ता, परमानंद तिवारी, जयराम खरवार, आलमगीर ने बताया कि सायं साढ़े तीन बजे तक 75 बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई गई। विद्यालय में शिक्षक आए, लेकिन कहीं चले गए। इस संबंध में एसडीएम कप्तानगंज अरुण कुमार ने कहा कि शिक्षक की मौजूदगी जरूरी थी। इसके बारे मे बीएसए को पत्र लिखकर कार्रवाई कराई जाएगी, ताकि ड्यूटी के दौरान कोई लापरवाही न बरते।
आशा कार्यकर्ताओं ने बहिष्कार किया
हाटा। सुकरौली पीएचसी से जुड़ी आशा कार्यकर्ताओं ने रविवार को पल्सपोलियो अभियान का बहिष्कार किया। काम बंद कर इन कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। सुकरौली क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता रविवार को ब्लॉक मुख्यालय पर एकत्र हुईं। उनकी ड्यूटी पल्सपोलियो अभियान में लगाई गई थीं, लेकिन उन लोगों ने पोलियोरोधी दवा पिलाने से मना कर दिया। उसके बाद नारेबाजी करने लगीं।
आशा कार्यकर्ता संघ की ब्लॉक अध्यक्ष रीना देवी का कहना था कि उनका मानदेय 15 हजार रुपये किया जाए। साथ ही राज्य कर्मचारियों की भांति सुविधाएं भी दी जाएं। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक वे किसी भी कार्यक्रम में सहयोग नहीं करेंगी। इस दौरान बिंदू राही, रीना देवी, सुनीता, मंजू, बिंदू जायसवाल, उषा देवी, मंजू उपाध्याय, उषा देवी, प्रभावती, सीमा, अमरावती, सरस्वती सहित अन्य आशा कार्यकर्ता मौजूद थीं।