पडरौना। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में मौसम की मार से बीमारों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। सोमवार को 640 मरीज अस्पताल में सूखी खांसी और बुखार के पहुंचे। सर्दी जुकाम के साथ-साथ गला बैठने की समस्या रोगियों में थी। डाॅक्टरों ने दवा देने के साथ गर्म पानी में नमक और फिटकिरी डालकर गरारा देने की सलाह दी।
मेडिकल कॉलेज में इन दिनों ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं जो डॉक्टर से इशारों में अपनी दिक्कत बयां कर रहे हैं। कारण ठंड की वजह से उनका गला में खराश की समस्या है। उन्हें सूखी खांसी से बेदम होना पड़ रहा है। इन दिनों पुरवाई का बढ़ता वेग तापमान को न सिर्फ तेजी से निचले पायदान पर धकेल रहा है, बल्कि ठिठुरन भी सुबह-शाम अधिक महसूस हो रही है। सर्दी-जुखाम- बुखार के मरीज तो बढ़ ही रहे हैं, सूखी खांसी की अधिकता के कारण गला बैठने की दिक्कत अधिक बढ़ गई है। रोगियों की मानें तो खांसी के साथ गले में दर्द के बाद गला बैठ जा रहा है, जिससे पांच से छह दिन इशारे में बात करनी पड़ती है। चिकित्सकों का कहना है कि सर्दी में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से लोगों को सर्दी, जुकाम, बुखार व गले में संक्रमण आम दिक्कत है। गला बैठने पर गर्म पानी में नमक और फिटकिरी डालकर नियमित गरारा करें इससे लाभ होगा। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आंवला से बने उत्पाद फायदेमंद हो सकते हैं।
ठंड के कारण बुखार व गले में संक्रमण की समस्या व खांसी लोगों में बढ़ रही है। गर्म पानी सेवन के साथ गर्म भोजन पदार्थ ग्रहण करें। सावधानी बरतें जिससे ठंड से बचाव हो सके। दिक्कत होने पर त्वरित अस्पताल में दिखाएं।
- डॉ. उपेंद्र चौधरी चेस्ट रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज
मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद
मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद