छह माह से विद्युत उपकेंद्र बंद, उपभोक्ता लो वोल्टेज से परेशान
केबिल ब्लास्ट होने के बाद बंद कर दिया था उपकेंद्र
पडरौना। जिले के कई विद्युत उपकेंद्रों की स्थिति चिंताजनक है। छह माह पहले साखोपार स्थित विद्युत उपकेंद्र में केबिल ब्लास्ट होने के बाद उसे बंद कर दिया गया। इस उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति नहीं होती। उन्हें कसया उपकेंद्र से बिजली दी जाती है। इस वजह से दोनों उपकेंद्रों से जुड़े उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज की समस्या के अलावा बिजली संकट से भी जूझना पड़ता है।
फाजिलनगर उपकेंद्र में शौचालय नहीं है। इससे विद्युत कर्मियों को परेशानी होती है। इस उपकेंद्र में चहारदीवारी भी टूट चुकी है। जनपद में 32 विद्युत उपकेंद्र हैं। इनमें कई उपकेंद्रों पर समुचित सुविधाएं नहीं हैं। साखोपार विद्युत उपकेंद्र केबिल ब्लास्ट होने के बाद से छह माह से बंद है। लिहाजा इस उपकेंद्र के तीन फीडरों के लगभग 130 गांवों के उपभोक्ताओं को बिजली समस्या से जूझना पड़ता है। शिवपुर, धनीछापर, शामपुर हतवा, सखवनिवा खुर्द सहित इन फीडरों के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों के उपभोक्ताओं कभी बिजली कटौती तो कभी लो वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है। क्योंकि इन्हें कसया विद्युत उपकेंद्र से बिजली दी जाती है। कनेक्शन का भार बढ़ जाने के कारण इस उपकेंद्र के उपभोक्ताओं के लिए भी लो वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो जाती है। अधिक दूरी होने कारण फाल्ट ठीक करने में भी परेशानी होती है।
सखवनिया बुजुर्ग के अनीष सिंह का कहना है कि साखोपार विद्यत उपकेंद्र छह माह से बंद है। तब से बिजली कसया से मिलती है। लो वोल्टेज की समस्या हमेशा बनी रहती है। सखवनिया खुर्द के मोहम्मद हारून कहा कहना है कि साखोपार का विद्युत उपकेंद्र बंद हो जाने से 130 गांवों के उपभोक्ता परेशान हैं। विद्युत निगम के अभियंता इस समस्या की तरफ ध्यान नहीं देते हैं। समस्याएं बताने पर उनका निदान समय पर नहीं होता है।
शिवराजपुर के सुधीर सिंह ने कहा कि लो वोल्टेज के कारण टीवी नहीं चलती। मोटर भी काम नहीं करता, जिससे पानी की समस्या बनी रहती है। विद्युतकर्मी फोन नहीं उठाते हैं। विद्युत निगम को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। धनीछापर के प्रिंस का कहना है कि विद्युत निगम की लापरवाही के कारण तकनीकी फाल्ट को ठीक नहीं कराया जा रहा है। इसलिए छह माह बीत गए। यदि निगम के अफसर ध्यान देते तो क्षेत्र के लोगों को बिजली समस्या से जूझना नहीं पड़ता।
शौच के लिए बाहर जाते हैं विद्युतकर्मी
स्वच्छता की पोल खोलने के लिए फाजिलनगर उपकेंद्र काफी है। यहां 20 से अधिक विद्युत कर्मी तैनात हैं। शौचालय न होने के कारण उन्हें बाहर जाना पड़ता है। विद्युत कर्मियों ने संबंधित अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन किसी ने समस्या पर ध्यान नहीं दिया। इस उपकेंद्र की नींव 25 साल पहले रखी गई थी, लेकिन अब तक विद्युत कर्मियों के लिए आवास नहीं बना है। यहां की चहारदीवारी क्षतिग्रस्त है। इससे सामान चोरी होने का आशंका रहता है। यही हाल गुरवरिया बाजार स्थित विद्युत उपकेंद्र का है।
वर्जन
केबिल ब्लास्ट होने से साखोपार उपकेंद्र बंद है। वहां के उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति कसया उपकेंद्र से चालू की गई है। केबिल के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही उपकेंद्र चालू हो जाएगा।
राकेश गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम