दुदही समुदाय स्वाथ केन्द्र विडियो वायरल।स्रोत-सोशल मीडिया
दुदही। सीएचसी में बुधवार देर रात दिल का दौरा पड़ने से मरीज की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने हंगामा किया। गुस्साए परिजन डाॅक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मारपीट करने लगे। एक डाॅक्टर समेत पांच स्वास्थ्यकर्मी घायल हो गए। वहीं, एक डाॅक्टर और एक फार्मासिस्ट ने वार्ड का दरवाजा अंदर से बंद कर अपनी जान बचाई। घटना के बाद स्वास्थ्यकर्मियों में दहशत है। इसके चलते करीब दो घंटे तक इमरजेंसी सेवा ठप रही। स्वास्थ्यकर्मियों ने इमरजेंसी सेवाओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। तीमारदारों का आरोप है कि समय से एंबुलेंस मिल गई होती तो मरीज की जान बच सकती थी।
विशुनपुरा थाना क्षेत्र के चाफ गांव के 50 वर्षीय योगेंद्र कुशवाहा को बुधवार की रात करीब 8 बजे दिल का दौरा पड़ गया। परिजन उनको लेकर निजी कार से दुदही सीएचसी पहुंचे। प्राथमिकी इलाज के बाद डाॅक्टरों ने मेडिकल कॉलेज कुशीनगर रेफर कर दिया। तीमारदार 108 एंबुलेंस को फोन करने लगे। करीब आधे घंटे इंतजार के बाद एंबुलेंस नहीं आई तो परिजन मरीज को उठाकर निजी कार में रखे। डाॅ. बिजेंद्र कुमार कार में योगेंद्र को ऑक्सीजन लगा रहे थे कि अचानक उसकी मौत हो गई।
योगेंद्र की मौत के बात परिजन आक्रोशित हो गए और ड्यूटी पर तैनात डाॅक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों की दौड़ा दौड़ाकर डंडे से पिटाई करने लगे। इससे सीएचसी में अफरातफरी मच गई। स्वास्थ्यकर्मियों ने वार्ड में छिपकर जान बचाई। मारपीट में डॉ. जेपी शाह, डॉ. बिजेंद्र कुमार, फार्मासिस्ट जेपी गुप्ता,वार्ड ब्वाय राजेश गुप्ता और बीच बचाव करने गए राजन गुप्ता घायल हो गए। जेपी शाह के एक हाथ का अंगूठा टूट गया है। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और स्वास्थ्यकर्मियों की पिटाई करने वाले युवकों की धुनाई की। सूचना पर डायल 112 की पुलिस पहुंची और आक्रोशित लोगों को शांत कराया। पुलिस ने मारपीट करने वाले दो युवकों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद परिजन शव लेकर चले गए। बृहस्पतिवार को सीएचसी प्रभारी डॉ. अनूप कुमार स्वास्थ्यकर्मियों के साथ सीएमओ से मिले और घटना की जानकारी दी। उन्होंने रात में सुरक्षा की मांग की।
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-रात में मरीज की मौत के बाद दुदही सीएचसी में विवाद हुआ था। सूचना पर रात में पुलिस गई थी। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। -जयंत कुमार, सीओ तमकुहीराज
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-दुदही सीएचसी में मरीज की मौत के बाद नाराज लोगों ने डाॅक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट की थी। एंबुलेंस का संचालन लखनऊ से होता है। सीएचसी से कोई लेना-देना नहीं है। प्राथमिक इलाज के बाद डाॅक्टर ने मरीज को रेफर कर दिया था। एंबुलेंस मिलने में देरी हुई। इससे लोग नाराज थे। प्रशासनिक स्तर पर बात कर विवाद करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। -डॉ. चंद्रप्रकाश, सीएमओ कुशीनगर
दुदही समुदाय स्वाथ केन्द्र विडियो वायरल।स्रोत-सोशल मीडिया