पडरौना। मौसम में बदलाव लोगों को बीमार बना रहा है। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी और इमरजेंसी में मरीजों की संख्या में इजाफा होने से बेड कम पड़ गए है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को कुछ घंटे इलाज के बाद दवा और बचाव के उपाय बताकर डाॅक्टर छोड़ दे रहे हैं। मरीजों को घर पर आराम करने की सलाह दी जा रही है। चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती बच्चों में सांस फूलने की समस्या आ रही है। बच्चे, बड़े, बुजुर्गों को मिलाकर करीब 30 प्रतिशत सांस फूलने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में नए पुराने मरीज मिलाकर एक हजार से चौदह सौ मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकतर मरीज वायरल बुखार से पीड़ित हैं। वायरल की चपेट में आए लोगों में खासी के साथ लोगों में सांस फूलने की समस्या आ रही है। ओपीडी के चेस्ट विभाग में हर रोज करीब 60 मरीज पहुंच रहे हैं, वायरल से निजात मिलने के बाद लोगों को लगातार खांसी आ रही है और सांस फूल रही है। डाॅक्टर मास्क लगाने, बलगम की जांच कराने के साथ गर्म पानी का सेवन करने का सलाह दे रहे हैं। भीड़ वाले स्थान पर जाने से परहेज करने और ठंडा पानी पीने नहीं पीने से मना कर रहे हैं। इसके अलावा दस वर्ष से कम उम्र के बच्चों में भी एलर्जिकल खांसी और सांस फूल रही है। चिल्ड्रेन वार्ड में ऐसे बीस बच्चे भर्ती हैं, डिस्चार्ज करने के बाद बच्चों को घर पर भाप देने की सलाह दे रहे हैं।
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-मौसम में बदलाव से लोग बीमार हो रहे हैं। मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा दी जा रही है। सभी दवाएं उपलब्ध हैं। जरूरत के हिसाब से गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। वार्ड फुल होने से थोड़ी दिक्कत हो रही है लेकिन मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हो रही है। -डॉ. दिलीप जायसवाल, सीएमएस मेडिकल कॉलेज कुशीनगर