नए वर्ष पर कुशीनगर में मनेगा जश्न, हिरण्यवती में भी बहेगा पानी
पडरौना। कोरोना संकट के चलते पर्यटन सीजन में भी शांत पड़ी भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में नववर्ष का मेला कुछ बंदिशों के बीच आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। डीएम ने इसके लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कसया को तैयारी करने के लिए कहा है। साथ ही कुशीनगर की ऐतिहासिक हिरण्यवती नदी में पानी प्रवाह बनाए रखने के लिए नहर के जरिए पानी भरने का भी निर्देश दिया है।
कुशीनगर में हर वर्ष नववर्ष पर भीड़ होती है। स्थानीय पर्यटकों के अलावा कई विदेशी पर्यटक भी आते हैं। कोरोना संकट के चलते मार्च से ही विदेशी पर्यटकों का आना बंद है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी स्थानीय पर्यटक भी कम संख्या में ही कुशीनगर पहुंच रहे हैं। कोरोना संकट के चलते लोग नववर्ष का मेला आयोजित नहीं होने का कयास लगा रहे थे। पर जिले में कोरोना की नियंत्रित स्थिति को देखते हुए डीएम ने एक जनवरी को होने वाले आयोजन के लिए सशर्त अनुमति दी है। डीएम भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि जिले में पिछले एक सप्ताह से एक-दो केस ही आ रहे हैं।
एक्टिव केस की संख्या भी 20 से कम ही है। इसको देखते हुए कुशीनगर में नववर्ष पर लगने वाले मेले की अनुमति दी गई है। हालांकि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए अलग से इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके तहत जगह-जगह बैरिकेडिंग करके भीड़ को रोकने का इंतजाम किया जाएगा। इसके अलावा लोगों व दुकानदारों को जागरूक किया जाएगा कि भीड़ लगाने की बजाय दूर-दूर रहकर नए वर्ष का उत्सव मनाएं।
कुशीनगर में मंदिर मार्ग को नियमित तौर पर दो घंटे के लिए वाकिंग जोन घोषित किया गया है। इसके तहत मंदिर मार्ग पर शाम चार बजे से छह बजे तक वाहनों के संचालन की अनुमति नहीं है। लोग केवल पैदल ही मुख्य गेट से लेकर माथा कुंवर मंदिर तक आ जा सकते हैं। एक जनवरी को पूरे कुशीनगर मंदिर क्षेत्र को ही वाकिंग जोन बनाया जाएगा। अर्थात मुख्य गेट से लेकर रामाभार स्तूप के पास तक वाहनों की आवाजाही नहीं होगी। केवल लोग पैदल ही घूम सकेंगे। इसके लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग करके पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। भीड़ को एक जगह एकत्रित होने से रोकने के लिए कई अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
बौद्घकालीन नदी हिरण्यवती का वजूद खतरे में है। इसकी सफाई कर पानी का प्रवाह बनाए रखने के लिए झुंगवा माइनर से नहर का पानी नदी तक लाने का प्रयास किया जा रहा है। पहले इसके लिए हाइवे के किनारे बने नाले का प्रयोग करने का प्रस्ताव था, लेकिन नाले का तल नहर से ऊंचा होने के चलते इसमें दिक्कत आ रही है। इसको देखते हुए अब प्लास्टिक के पाइप से नहर का पानी पंपिंग सेट के जरिए नदी तक लाने पर विचार हो रहा है। डीएम ने इसके लिए भी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सिंचाई विभाग के अफसरों से बात कर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।
डीएम भूपेंद्र एस चौधरी का कहना है कि कोरोना संकट के चलते लंबे अरसे से पर्यटन उद्योग प्रभावित है। अब जिले में कोरोना की स्थिति नियंत्रित दिख रही है। इसको ध्यान में रखते हुए कुशीनगर में नववर्ष पर लगने वाले मेले की अनुमति सशर्त प्रदान कर दी गई है। मेले में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए विशेष उपाय करने का निर्देश ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को दिया गया है।