पडरौना। अगले सप्ताह होली का त्योहार है। त्योहार पर खाद्य तेलों की बढ़ी डिमांड को पूरा करने के लिए मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। जानकार बताते हैं कि बाजार मिलावटी खाद्य तेल से अटा पड़ा है। यदि घर में उपयोग के लिए सरसों का तेल खरीदते समय चूक हुई तो आप मिलावटी तेल ही ले जाएंगे, जो आपकी सेहत खराब कर देगा। डॉक्टरों का कहना है कि मिलावटी खाद्य तेल का सेवन करने से सबसे पहले जी मिचलाना और पेट खराब होना जैसी समस्या हो सकती है। इसके अलावा पेट में सूजन यहां तक कि दिल व सांस की बीमारी और एनीमिया का खतरा भी बढ़ जाता है। बीते सालों में खाद्य तेलों में मिलावट के कई मामले सामने आए थे।
होली के त्योहार पर लोग घर में तरह-तरह के पकवान बनाने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल करते हैं। भोजन पकाते समय ज्यादातर लोग सरसों के तेल का इस्तेमाल करते हैं। वहीं कुछ लोग त्वचा और बालों में भी सरसों का तेल इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। सहालग में भी पकवान बनाने में बड़े पैमाने पर सरसों के तेल की खपत होती है। इसी का फायदा उठाकर मिलावटखोर सरसों के तेल में मिलावट कर दुकानों पर पहुंचा देते हैं। उधर ग्राहक नकली और असली तेल की पहचान नहीं कर पाते हैं, जिसकी वजह से वे दुकानदार की तरफ से दी गई मिलावटी तेल को घर लेकर चले जाते हैं। उधर मिलावटी तेल का इस्तेमाल करने से हेल्थ, स्किन और बालों पर भी कई साइड इफेक्ट होने लगते हैं। ऐसे में सरसों का तेल खरीदते समय पूरी तरह जांच कर ही खरीदारी करें, ताकि आप अपने घर शुद्ध सरसों का तेल ले जा सकें।
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ऐसे करते हैं सरसों के तेल में मिलावट
सूत्र बताते हैं कि धंधेबाज तेल में खेल करने के कई उपाय इजाद किए हैं। केंद्र सरकार ने पाम ऑयल का आयात प्रतिबंधित किया है। लेकिन, धंधेबाजों ने रिफाइंड जैसे दिखने वाले सस्ते नेपाली तेल में रासायनिक अखाद्य रंग और एसेंस (सुगंध) मिलाकर उसे पाम ऑयल और सरसों के तेल के तौर पर बिक्री करते हैं। जानकारों का कहना है कि सरसों तेल के अलावा सोयाबीन, राइस ब्रान, सूरजमुखी, मूंगफली आदि तेलों में मिलावट हो रही है। नकली खुला सरसों का तेल तो बिकता ही है, विभिन्न ब्रांड के नाम पर भी नकली तेल बेचा जा रहा है। 60-70 रुपये लीटर मिलने वाले इन तेलों की खासियत यह होती है कि इनमें किसी तरह की गंध नहीं होती है। मिलावटखोर इसी का फायदा उठाते हैं। पाम ऑयल, ब्लेंडेड ऑयल, सोयाबीन तेल, राइस ब्रान ऑयल मिले तेल को शुद्ध सरसों का तेल बताकर बेच देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावट वाला तेल खाने से तुरंत कोई समस्या महसूस नहीं होती, लेकिन लंबे समय तक इसका इस्तेमाल बहुत सी स्वास्थ्य समस्याएं खड़ी कर सकता है। इससे सबसे ज्यादा दिमाग के काम करने की शक्ति पर असर पड़ता है। बेहतर होगा कि अपने खाने के तेल को टेस्ट करने के बाद ही प्रयोग में लाना चाहिए। सबसे बेहतर विकल्प है कि ब्रांडेड उत्पादों को देखकर खरीदा जाए।
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एक किलो सरसों से मिलता है करीब 300 एमएल तेल
बाजार में साबुत सरसों 60-65 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है। दुकानदारों ने बताया कि एक किलोग्राम सरसों की पेराई हो तो उसमें से करीब 300 एमएल तेल मिलेगा। इस तरह एक लीटर सरसों के तेल के लिए तीन किलोग्राम सरसों की पेराई करनी पड़ेगा। इस तरह देखें तो सरसों तेल का मूल्य 180 से 195 रुपये होना चाहिए, लेकिन बाजार में 140 रुपये से 180 रुपये तक खुला सरसों का तेल बिक रहा है। वहीं एक लीटर डिब्बाबंद तेल का मूल्य बाजार में 180 रुपये है। ऐसे में सरसों के तेल की शुद्धता का आकलन खुद ही किया जा सकता है। पिछले वर्ष होली पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की तरफ से गठित टीम ने जांच अभियान के दौरान सरसों तेल के चार नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। उसमें तीन नमूने जांच पर खरे नहीं उतरे थे। उसमें मिलावट की पुष्टि हुई थी।
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ऐसे करें पहचान
-टेस्टट्यूब में लगभग पांच ग्राम सरसों का तेल डालें। इसके बाद उसमें नाइट्रिक एसिड डालकर टेस्ट ट्यूब को हिलाएं। यदि उसका रंग बदलता है, तो सरसों के तेल में मिलावट है।
- थोड़ा सरसों का तेल लें। दो-तीन घंटों के लिए फ्रीज में रखें। यदि फ्रीज में रखे सरसों के तेल के ऊपर सफेद रंग का पदार्थ तैरता नजर आ रहा है, तो समझ लीजिए कि इस तेल में मिलावट की गई है।
- सरसों के तेल को अपनी हथेली पर रगड़ें। इसको ध्यान से देखें, यदि कोई दूसरा रंग या गंध आती है, तो ऐसे में तेल में मिलावट की आशंका हो सकती है।
- एक सफेद कागज लें। उस पर सरसों के तेल की कुछ बूंदों को डालें। कागज पर यदि गहरा पीला या भूरे रंग का दाग रह जाता है तो तेल में मिलावट की गई है। वहीं तेल अगर शुद्ध है तो कागज पर हल्का पीला दाग पड़ेगा।
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विभाग की तरफ से जिले में हमेशा खाद्य पदार्थों की जांच की जाती है। सहालग और त्योहार के मौके पर विशेष जांच टीम गठित की जाती है। इस बार भी टीम गठित कर खाद्य पदार्थों की जांच करने और संदेह के आधार पर नमूने एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी को कहीं मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री होने की जानकारी मिले तो 9454468702 पर फोन करें। सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाएगी। -प्रदीप कुमार राय, सहायक आयुक्त- खाद्य, द्वितीय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग।
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सरसों का मिलावटी तेल स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या बन सकता है। मिलावटी तेल का शुरुआत में खास असर नहीं दिखेगा, लेकिन लगातार मिलावटी तेल के सेवन से हार्ट डिजीज, लिवर डैमेज और ड्रॉप्सी जैसी खतरनाक बीमारियां का खतरा होता है। इसके अलावा लिवर, किडनी और कोलेस्ट्राल बढ़ने की समस्या हो सकती है। काफी अधिक दिन मिलावटी तेल का प्रयोग करने से कैंसर की संभावना होती है। -डॉ. प्रवीण कुमार राव, डीएम गैस्ट्रो।
बिक्री के लिए रखा गया तेल। संवाद- फोटो : Samvad