कप्तानगंज। थाना क्षेत्र के बोदरवार बाजार से दोस्त के साथ बाइक से गए शुभम मोदनवाल की लाश हाटा कोतवाली क्षेत्र के नहर में मिली थी। घर वाले हत्या का आरोप दोस्तों पर लगा रहे थे, लेकिन पुलिस टाल मटोल कर रही थी। 35 दिन बाद पुलिस ने इस मामले में सात लोगों पर हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज की है।
बोदरवार बाजार निवासी शैलेन्द्र मोदनवाल के एकलौता बेटा 19 वर्षीय शुभम मोदनवाल जो घर से बिना बताए 21 जून को बाइक सवार दो दोस्तों के साथ दोपहर 12 बजे कुछ युवकों के साथ चला गया था। मोबाइल फोन स्विच ऑफ बता रहा था, जिसको लेकर परिजनों ने स्थानीय थाना में 22 जून को लापता होने की तहरीर दिए अभी पुलिस इसको लेकर जांच कर रही थी। इस दौरान 23 जून को सुबह करीब सात बजे के लगभग हाटा कस्बे के नहर में बालेश्वर चौराहे पर शुभम मोदनवाल का शव मिला। परिजनों ने उसी समय शुभम मोदनवाल कि हत्या का आरोप बाइक सवार युवकों पर लगाया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस सुस्त पड़ गई, लेकिन परिजन नहीं माने। एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच के बाद केस दर्ज हुआ। थानाध्यक्ष चंद्रभूषण प्रजापति ने बताया कि शुभम के पिता की तहरीर पर पतरा बाजार निवासी शनि यादव, दीप विश्वकर्मा पता अज्ञात, शेखपुरवा गांव निवासी किशन कुमार, आदर्श कुमार, बोदरवार निवासी लकी वर्मा, मुकुल सिंह, सत्येंद्र वर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।