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प्रत्याशियों का हाथ-पैर पकड़ना भारी न पड़ जाए लोगों पर

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कुशीनगर : विशुनपुरा क्षेत्र में वोट मांगते प्रत्याशी।संवाद न्यूज एजेंसी। - फोटो : KUSHINAGAR
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प्रत्याशियों का हाथ-पैर पकड़ना भारी न पड़ जाए लोगों पर
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बढ़ रहा कोरोना का संक्रमण, अंजाने में बन सकते हैं कोरोना व अन्य संक्रामक बीमारियों के वाहक
पडरौना। पंचायत चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित करने के बाद प्रत्याशी तरह-तरह की जुगत लगा रहे हैं। कोई दंडवत कर रहा है तो कोई हाथ पकड़कर सिर पर रखवाते हुए आशीर्वाद मांग रहा है। कोई गोद में ही सिर रख आत्मीयता जता रहा है। प्रचार की इस व्यूह रचना में प्रत्याशियों का बार-बार हाथ-पैर पकड़ना लोगों पर भी भारी पड़ सकता है। खुद प्रत्याशी को भी चुनाव जीतने से पहले अस्पताल जाने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। कोरोना संक्रमण के इस काल में दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी के नियम का भी पालन नहीं हो रहा। वहीं अचानक पूछ बढ़ने से वोटर भी उत्साहित हैं और वे भी बचाव के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
दरअसल इस बार जैसे-जैसे पंचायत चुनाव का तापमान बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से कारोना संक्रमण भी बढ़ रहा है। जिले में एक सप्ताह में ही एक्टिव केस की संख्या 200 को पार कर गई है। यह स्थिति तब है जब अभी पंचायत चुनाव के लिए नामांकन बाकी है। नामांकन व चुनाव चिह्न आवंटन के बाद एक सप्ताह तक तो मतदाताओं को रिझाने की गति काफी तेज हो जाएगी। यदि एक निर्वाचन क्षेत्र में अगर आठ उम्मीदवार हैं तो संबंधित मतदाता के पास आठ लोग पहुंचेंगे। ये आठ उम्मीदवार निर्वाचन क्षेत्र के 100 अन्य लोगों के पास भी गए तो इस हिसाब से 800 बार संपर्क होगा। इसमें से अगर एक भी व्यक्ति कोविड-19 से संक्रमित पाया गया तो फिर संक्रमण की रफ्तार का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
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सुकरौली सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. हेमंत वर्मा ने इस पर चिंता जताई। कहा, पंचायत चुनाव में जिस तरह से कोविड प्रोटोकाल की अवहेलना की जा रही है, वह आने वाले समय के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है। संक्रमण की दूसरी लहर काफी तेज है। ऐसे में यह जरूरी है कि उम्मीदवार और मतदाता दोनों मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के नियम पालन अवश्य करें।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए सबसे जरूरी मास्क का उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन है। प्रत्याशी प्रचार के दौरान लोगों के संपर्क में न आएं, जिससे संक्रमण का खतरा उत्पन्न न हो। सैनिटाइजर का प्रयोग करें और लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित भी करें।
गांवों में भी फैल रहा है कोरोना
दिल्ली, मुंबई से लौटे तमाम लोग इस बार ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। कुछ तो जांच के बाद अपने घरों में विश्राम कर रहे हैं जबकि कई बिना लक्षण वाले तो बिना जांच कराए ही पंचायत चुनाव में घूम-घूमकर माहौल की गरमी नाप रहे हैं। तुर्कपट्टी क्षेत्र के एक गांव में तीन मरीज हैं, उसी गांव के एक नेताजी जिला पंचायत सदस्य पद प्रचार में लगे हैं। खड्डा क्षेत्र में दो गांव की पांच महिलाएं संक्रमण की जद में हैं। दुदही क्षेत्र में दो लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। हाटा क्षेत्र में भी चार-पांच लोग संक्रमण की जद में हैं।
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कोविड नियमों का सभी रखें ध्यान
पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच कोविड का संक्रमण भी तेज हुआ है। इस महामारी से बचाव ही अब तक का सबसे बेहतर विकल्प है। चुनाव प्रचार में जुटे उम्मीदवारों के साथ-साथ आम लोगों को भी अपनी सेहत का ख्याल रखना जरूरी है। प्रयास करें कि प्रचार के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग समेत कोविड से बचाव के लिए अन्य सभी जरूरी उपायों का पालन होता रहे। उम्मीदवार प्रचार के दौरान मास्क व सैनिटाइजर का विशेष ख्याल रखें। थोड़े-थोड़े अंतराल पर साबुन से हाथ धोते रहें। इससे संक्रमण को बढ़ने से रोकने में मदद मिलेगी।
- एस राजलिंगम, डीएम
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