पडरौना। एक्साइज ड्यूटी के विरोध में सराफा व्यवसायियों और कारीगराें ने सोमवार को जमकर विरोध जताया। गंगीराम मंदिर से पैदल सुभाष चौक पहुंचे इन व्यवसायियाें ने हाइवे जाम कर धरना दिया और सरकार विरोधी नारे लगाए।
इस दरम्यान राहगीरों को जाम से भी जूझना पड़ा। तकरीबन दो घंटे हाइवे जाम के बाद नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर ज्ञापन लिया। इसके बाद धरना और जाम समाप्त हुआ। व्यवसायियाें ने 28वें दिन भी अपनी दुकानें बंद रखीं। सराफा व्यवसायियाें ने सोमवार को दुकानें बंद कर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी पहले ही दे दी थी।
पडरौना और कसया हाइवे सहित कई स्थानाें पर इन व्यापारियाें ने जाम लगाकर धरना प्रदर्शन किया। सराफा व्यवसायी और कारीगर दिन के लगभग दस बजे पडरौना के गंगीराम मंदिर में एकत्र हुए।
वहां बैठक करने के बाद केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाते हुए सुभाष चौक पहुंचे और हाइवे जाम कर धरना शुरू कर दिए। इनका कहना था कि केंद्र सरकार ने आभूषणाें पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का निर्णय लिया, जो व्यापारियों और ग्राहकाें के विरुद्ध है।
इसके खिलाफ सराफा व्यवसायी 28 दिनों से अपनी दुकानें बंद कर कई तरीकों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इनका कहना था कि जब तक एक्साइज ड्यूटी लगाने का निर्णय वापस नहीं लिया जाता, तब तक धरना प्रदर्शन और बंदी जारी रहेगी।
बाद में वहां नायब तहसीलदार निशा श्रीवास्तव पहुंचीं। उन्हें ज्ञापन देकर व्यवसायियाें ने जाम समाप्त कर दिया। जाम की वजह से पडरौना-रामकोला, पडरौना-कसया सहित कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ।
इस दौरान सराफा व्यवसायी प्रदीप जायसवाल, सुरेश सोनी, राजेंद्र वर्मा, अजय गुप्ता, अंशुमान बंका, संदीप सोनी, नदीम अहमद, विष्णु, लालजी वर्मा, राकेश सोनी, पप्पू सोनार, सुरेश सोनी, कारीगर जयराम, श्याम सोनी, नरेश सोनी, बबलू सोनी, लालबाबू सोनी, राजन सोनी, गोपाल सोनी, राकेश, संतोष अग्रवाल आदि मौजूद थे।