कुशीनगर। रानी रेवती देवी की 1,503 एकड़ जमीन सरकारी खाते में दर्ज होने के बाद अवैध कब्जेदारों में हलचल तेज हो गई है। वे कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज करा धंधेबाजों ने करोड़ों की जमीन बेच दी है। शहर के व्यवसायियों के अलावा बिहार के कई लोगों ने भी जमीन खरीद कर आलीशान मकान बनवा लिया है। धंधेबाज भी कोर्ट जाने की फिराक में हैं, वहीं प्रशासन मकानों का सत्यापन कराने के बाद खाली कराने के लिए नोटिस जारी करेगा। कब्जा खाली नहीं करने पर बुलडोजर अवैध कब्जे पर चलेगा। राजस्व अभिलेख में हुए फर्जीवाड़े को दुरुस्त करने के बाद यह कार्रवाई होगी। ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों पर अभी निर्माण नहीं हुआ है। लोग खेती-किसानी कर रहे हैं। जमीन बेचने वालों पर खरीदार अब दबाव बनाने लगे हैं।
रानी रेवती देवी के निधन के बाद उनकी जमीन को लेकर लोगों ने हाईकोर्ट के अलावा अन्य न्यायालयों में अलग-अलग वसीयत का दावा किया था। फर्जीवाड़ा कर राजस्व अभिलेखों में नाम भी दर्ज करा लिया गया। इसके बाद जमीनों को ऊंचे दामों में बेच दिए। इन दिनों पडरौना शहर के कई मोहल्लों में उसी जमीन पर कालोनी बस गई। आज भी धंधेबाज प्लाटिंग कर रहे हैं। डीएम के रिसीवर नियुक्त होने के बावजूद जमीन की खरीद-फरोख्त के साथ ही खारिज-दाखिल की प्रक्रिया पूरी होती रही।
14 अगस्त को कोर्ट ने रानी रेवती की 18 एकड़ जमीन को छोड़कर बाकी जमीनों को सीलिंग घोषित कर दिया। इसके बाद जमीन खरीद कर मकान बनवाने वालों की चिंता बढ़ गई है। कचहरी में अधिवक्ताओं के पास सुझाव के लिए भी लोग पहुंच रहे हैं। वही, जमीन बेचने वाले कोर्ट जाने का हवाला देकर राहत दिलाने का भरोसा दे रहे हैं। दूसरी ओर, जिला प्रशासन की ओर से खतौनी से नाम खारिज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
राजस्व कर्मियों को रानी रेवती की जमीन पर बने मकानों का सत्यापन कराने और कब्जेदारों की सूची बनाने का निर्देश दिया गया है। इसमें 30 से अधिक टीम काम कर रही है। अवैध कब्जेदारों को जमीन खाली करने के लिए प्रशासन की ओर से पहले नोटिस जारी किया जाएगा, कब्जा नहीं खाली करने पर बलपूर्वक अतिक्रमण हटवाया जाएगा। पूरे दिन शहर के प्रमुख चौराहों और जमीन खरीदने वालों में इसकी चर्चा रही।
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-कोर्ट का फैसला जो आया है। उसका पालन कराया जाएगा। अवैध जमीनों से हर हाल में कब्जा खाली कराया जाएगा। कब्जा करने वालों की सूची तैयार कराई जा रही है। प्रक्रिया पूरी करने के बाद बेदखली की कार्रवाई होगी। अगर कोई कोर्ट जाता है, तो प्रशासन मजबूती से अपना पक्ष रखेगा। -वैभव मिश्र, एडीएम वित्त एवं राजस्व कुशीनगर