पडरौना। जर्जर हो चुके चार समितियों के भवनों का अब नवनिर्माण कराया जाएगा। इसके लिए मठिया, डुमरी सवागी पट्टी, पिपरा जटामपुर और विशुनपुरा समितियों का चयन किया गया है। भवनों के निर्माण के बाद किसानों को खाद सहित अन्य कृषि संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी।
लंबे समय से इन समितियों के भवन जर्जर हो गए हैं। समिति के कर्मचारियों के साथ ही किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। भवन की स्थिति खराब होने के कारण जरूरी सामान के रखरखाव में भी दिक्कतें आती थी। अब नए भवन बनने से इन समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है। नव निर्माण के बाद समितियों पर आने वाले किसानों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही खाद व अन्य कृषि सामग्री के वितरण और भंडारण की व्यवस्था भी सुचारु होने की उम्मीद है।
विभाग की ओर से निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार भवन निर्माण पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। एआर क्वावरेटिव नीरज गाेंड़ ने बताया कि काफी दिनों से जर्जर पड़े मठिया, डुमरी सवांगी पट्टी, पिपरा जटामपुर और विशुनपुरा समिति के भवन नए सिरे से निर्माण होगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। इन समितियों के नव निर्माण के लिए धन आवंटित होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।