कसया। महान पार्श्व गायक, अभिनेता और संगीतकार स्वर्गीय किशोर कुमार की जयंती मंगलवार को कसया नगर स्थित डीडी मंत्रा नृत्य एवं संगीत विद्यालय में श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में नवोदित गायकों ने उनके लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर उन्हें सुरमयी श्रद्धांजलि अर्पित की। सदाबहार गीतों से देर तक पूरा सभागार संगीत की मधुर धुनों से गूंजता रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वर्गीय किशोर कुमार के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद छात्रा पुष्पा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। रीता ने जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो मुकाम, प्रियांशु ने मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू, गीता ने प्यार दीवाना होता है, मस्ताना होता है, अनुष्का ने हमें तुमसे प्यार कितना, निशा ने तेरे जैसा यार कहां, राकेश ने घुंघरू की तरह बजता ही रहा हूं मैं, अभिषेक बाबू ने ओ मेरे दिल के चैन, शिखा ने मेरे महबूब कयामत होगी और विवेक ने कभी बेबसी ने मारा गीत प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।
मुख्य अतिथि प्रधान मोहन लाल गुप्ता ने कहा कि किशोर कुमार ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा से भारतीय संगीत जगत को अमूल्य योगदान दिया। उनके गीत आज भी हर पीढ़ी के लोगों की पहली पसंद हैं। सभासद अमेरिकन ने कहा कि ऐसे आयोजन नई प्रतिभाओं को मंच देने के साथ संगीत संस्कृति को भी आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व प्रवक्ता सुरेश गुप्ता ने कहा कि किशोर कुमार ने हर भाव और हर परिस्थिति के गीतों को अपनी विशिष्ट शैली से अमर बना दिया। संस्था के निदेशक कृष्णानंद त्रिपाठी ने कहा कि किशोर कुमार की गायकी में खुशी, दर्द, रोमांस और जीवन दर्शन का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। उन्हें मिले अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान उनकी प्रतिभा के प्रमाण हैं। इस दौरान नाल वादक मिथिलेश पांडेय, मुनेब राजभर, जेपी यादव, शैलेश, रिया आदि संगीत प्रेमी मौजूद रहे।