रामाभार स्तूप परिसर में बनी स्क्रीन। संवाद
पकवा इनार। बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में बहुप्रतीक्षित ध्वनि एवं प्रकाश शो की पटकथा को पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक की ओर से परिवर्तन के साथ स्वीकृति दे दी गई है। अब हजारों वर्ष पहले दिए गए बुद्ध के उपदेश गूंजेंगे व उनके पैरों की पदचाप की आवाज भी सुनाई देगी। हालाकि इसके लिए अभी भी इंतजार करना पड़ेगा, इसका प्रमुख कारण कार्यदाई संस्था के जिम्मेदार अधिकारियों के अनुसार परियोजना को पूरा करने के लिए समुचित धनराशि को अवमुक्त न किया जाना है। उनका तर्क है कि अब तक अवमुक्त हुई धनराशि से अधिक रकम खर्च कर कार्य पूरे किए जा चुके हैं।
समय-समय पर परियोजना से संबंधित सूचनाओं, रिकार्ड व अद्यतन स्थितियों से भी पर्यटन विभाग को अवगत कराया जाता जा रहा है। अब कुछ सुगबुगाहट तेज हुई है, लेकिन शुभारंभ की तिथि को लेकर स्थिति अब भी साफ नहीं है। कुशीनगर रामाभार स्तूप परिसर में पर्यटन विभाग 14 करोड़ रुपये से अधिक लागत से वर्षों से ध्वनि एवं प्रकाश शो के स्थापना का निर्माण कार्य करा रहा है। कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, गोरखपुर (यूपीपीसीएल) है। वर्तमान में स्तूप परिसर में भव्य स्क्रीन, बुद्धा चिल्ड्रेन पार्क में कंट्रोल कक्ष और डीजी सेट स्थापित हो चुके हैं। लेकिन शो शुरू न होने से दीदार नहीं हो पा रहा। ध्वनि एवं प्रकाश शो में वाइस ओवर आर्टिस्ट हरीश भिमानी और फिल्म अभिनेता कबीर बेदी की हिंदी और अंग्रेजी भाषा में आवाज दी गई है। शो करीब 45 मिनट का होगा।
देश-विदेश के पर्यटक, सैलानी व स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। शो में ध्वनि और प्रकाश के माध्यम से पटकथा की आवाज गूंजकर बुद्ध के उपदेशों को गूंजायमान करेगा।
उनके पैरों की पदचाप भी सुन सकेंगे। वहीं, बुद्धम शरणं गच्छामि, संघम शरणं गच्छामि, धम्मम शरणं गच्छामि भी मधुर स्वरलहरियों में गूंजता रहेगा। इससे लघु उद्यमियों, स्थानीय होटल इंडस्ट्री, दुकानदारों, कारीगरों और स्ट्रीट वेंडर्स की आमदनी बढ़ेगी।