कसया। अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थली कुशीनगर में लगातार पर्यटकों की आवागमन से गुलजार हो रही है। पिछले वर्षों की अपेक्षा बुद्धनगरी में विदेशी पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
वहीं देसी पर्यटक भी महात्मा बुद्ध के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। पर्यटन विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो नए साल के मौके पर 1.3 लाख पर्यटक बुद्धनगरी पहुंचे हैं। जबकि 2021 में 1,77,002, 2022 में 8,89,689 और 2023 में 18,51,126 पर्यटक पहुंचे हैं।
बौद्ध अनुयायियों के लिए भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली का विशेष महत्व है। लुम्बनी, बोधगया, सारनाथ, श्रावस्ती, संकिशा और कुशीनागर का दर्शन करना बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए आवश्यक माना जाता है।
इसमें भगवान बुद्ध की जन्मस्थली एवं परिनिर्वाण स्थली का विशेष महत्व है।
कोरोना काल से पहले देशी एवं विदेशी पर्यटक यहां काफी संख्या में पहुंचकर दर्शन पूजन कर अपने को धन्य मानते हैं। वैश्विक महामारी की वजह से बीच में पर्यटन व्यवसाय काफी ठप हो चुका था, जिसके बाद अब एक बार फिर धीरे-धीरे पर्यटकों की संख्या प्रतिवर्ष बढ़ रही है।
पर्यटकों के आने से कुशीनगर का पर्यटन व्यवसाय काफी तेजी से बढ़ रहा है। इस पर्यटन सीजन (27 सितंबर से 31 मार्च तक) में विगत वर्षों की अपेक्षा संख्या बढ़ रही है। कुशीनगर में इस साल श्रीलंका, वियतनाम, वर्मी, कोरिया, ताइवान, जापानी आदि देशों के पर्यटक पहुंचकर भगवान बुद्ध का दर्शन कर रहे है।
इस संबंध में पर्यटन सूचना अधिकारी डाॅ. प्राण रंजन ने बताया कि विगत वर्षों से अपेक्षा पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
मौसम अनुरूप होने की वजह से संख्या काफी देखने को मिल रहीं है। पर्यटकों के आवागमन से कुशीनगर में पर्यटन व्यवसाय में को भी बढ़ावा मिल रहा है।