मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में लगा मरीजों की भीड़।संवाद
पडरौना। मेडिकल कॉलेज से निजी एंबुलेंस चालकों की दखलअंदाजी में कमी तो आई है, लेकिन पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी और दवा काउंटर तक सक्रिय दलालों का नेटवर्क मजबूत है। दलाल मरीजों को मेडिकल कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग के पीछे करीब आठ फीट ऊंची चहारदीवारी के पार संचालित मेडिकल स्टोर तक पहुंचा रहे हैं। दो दिन पूर्व कार्यवाहक प्राचार्य के निरीक्षण में पता चला कि बाउंड्रीवाल में चार से अधिक जगहों पर मेडिकल स्टोर संचालक ने होल बना दिया है। इसके माध्यम से दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। शुक्रवार को भी दलालों की सक्रियता देखने को मिली।
दोपहर करीब 12:20 बजे ओपीडी में डॉक्टर मरीजों को पर्ची पर ही दवा लिख रहे थे। दवा काउंटर पर एक से दो दवाएं मिल रही थी, बाकी दवा नहीं होने की बात कह काउंटर पर बैठे स्वास्थ्यकर्मी लौटा दे रहे थे। वहां आस-पास सक्रिय दलाल मरीजों की पर्ची लेकर कैंपस से सटे मेडिकल स्टोर पर पहुंचा रहे थे। कसया से संवरू अपनी पत्नी राजमती देवी को लेकर आए थे। उसकी सांस फूल रही थी और घुटने में दर्द था। पर्ची पर डॉक्टर छह दवाएं लिखी थी और घुटने का एक्सरे कराने की सलाह दी थी।
एक्स-रे केंद्र में भीड़ होने से उन्होंने एक्स-रे जांच बाहर कराने का निर्णय लिया। काउंटर पर सिर्फ दो दवाएं मिलीं। बाकी दवाएं दिलाने के लिए एक दलाल बाउंड्रीवाल के पास ले गया। दुकानदार ने दवाओं का दाम 1170 रुपये बताया कि संवरू ने दवा नहीं ली और पर्ची लेकर चला गया। गुड्डू ने बताया कि तीन घंटे का समय पर्ची बनवाने और डॉक्टर से दिखाने के बाद दवा लेने के लगा, इसमें भी पूरी दवा नहीं मिली। इस व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है। उसने कहा कि कसया में किसी दुकान से दवा ले लूंगा, उतने रुपये लेकर नहीं आया हूं।
दुदही के गुड्डू यादव के पेट में दर्द था। एक दवा अस्पताल से मिली। तीन दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ीं। बिना एप्रन पहने अधिकतर स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी कर रहे थे। इसका फायदा उठाकर दलाल मरीजों को तय मेडिकल स्टोर तक पहुंचा रहे थे। सूत्रों ने बताया कि पांच सौ की दवा बिकवाने पर 150 रुपये और एक हजार की दवा बिकवाने पर दलालों को 300 रुपये कमिशन मिलता है।
लोकल होने की धौंस : मेडिकल स्टोर संचालक से जुड़े युवक अस्पताल में घूमते रहते हैं। वे लोकल होने की धौंस देते हैं। दलालों को कोई पकड़ता है या रोकता है तो उसका बचाव करते हैं। इसके चलते स्वास्थ्यकर्मी बोलने से भी परहेज करते हैं।
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में लगा मरीजों की भीड़।संवाद
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में लगा मरीजों की भीड़।संवाद