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खाकी की मर्यादा तार-तार: यूपी में खाकी फिर दागदार, युवती के अपहरण और छेड़खानी में दोनों सिपाही जेल गए

Thu, 06 Aug 2026 01:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर

सार

स्थानीय लोगों का कहना है कि सिपाही नगर के होटल में ही रूम लेकर रह रहा था। जिसके बाद उसकी शिकायत अधिकारियों तक संचालक ने की थी। उसकी क्षेत्र के कई होटलों और ढाबों पर अक्सर आवाजाही रहती थी। इसी कारण उसका नाम समय-समय पर चर्चाओं में बना रहता था। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस विभाग की ओर से नहीं की गई है।
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आरोपी सिपाही उमाशंकर यादव व महेंद्र यादव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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युवती का अपहरण कर छेड़खानी के मामले में गिरफ्तार दो सिपाहियों उमाशंकर यादव व महेंद्र यादव को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। इसके पहले कसया सीएचसी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।

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वहीं, पीड़ित युवती और ढाबा संचालक से पुलिस ने घटना से जुड़ी जानकारी ली। देर शाम डीआईजी गोरखपुर कसया थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से घटना से जुड़े हर पहलू के बारे में पूछताछ की। पुलिस सीसीटीवी कैमरे की फुटेज, सिपाही की ओर से ढाबा संचालक को की गई व्हाट्सएप कॉल की डिटेल, लोकेशन समेत अन्य साक्ष्य जुटा रही है।

शाम करीब पांच बजे डीआईजी एस चनप्पा कसया पहुंचे। कार्यालय में एसपी केशव कुमार, सीओ सिटी राकेश प्रताप सिंह और कसया सीओ डॉ. अजय कुमार सिंह से घटना के बारे में विस्तार से जानकारी ली। आरोपियों की ओर से लगाए गए आरोप का पुलिस की ओर से जुटाए गए साक्ष्य को भी देखा। डीआईजी ढाई घंटे तक थाने में जमे रहे।

युवती के बयान में अंतर
देर रात को पुलिस को दिए गए बयान में युवती जो बात बताई थी। वह बात बुधवार को दिए गए बयान में नहीं बताई। इसकी वजह चाहे जो भी हो। कोर्ट में होने वाले कलमबंद बयान के बाद पुलिस की विवेचना का क्रम आगे बढ़ेगा।

सूत्रों ने बताया कि युवती पर सुबह से सिपाहियों के करीबियों की ओर से दबाव बनाया जाने लगा। इसके बाद दोपहर में पुलिस दोबारा बातचीत में अंतर मिला। हलांकि पुलिस को आरोप के आधार पर पर्याप्त साक्ष्य हाथ लगे हैं। इस आधार पर विवेचना कर रही है।

होटलों को बना चुका था ठिकाना
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिपाही नगर के होटल में ही रूम लेकर रह रहा था। जिसके बाद उसकी शिकायत अधिकारियों तक संचालक ने की थी। उसकी क्षेत्र के कई होटलों और ढाबों पर अक्सर आवाजाही रहती थी। इसी कारण उसका नाम समय-समय पर चर्चाओं में बना रहता था। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस विभाग की ओर से नहीं की गई है।

दबंगई करता था उमाशंकर, विभाग में भी थी मजबूत पकड़
आरोपी सिपाही उमाशंकर दो वर्ष से अधिक समय से कसया थाने में तैनात रहा। हाईवे चौकी पर तैनाती के दौरान वसूली का आरोप भी लगा था। मामला तूल पकड़ने पर तत्कालीन थानाध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी ने तत्कालीन एसपी संतोष मिश्रा को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था लेकिन विभाग में मजबूत पकड़ के कारण हाईवे चौकी से हटाकर उसे थाने पर तैनात कर दिया गया था।

सोमवार की रात खाकी की मर्यादा को ताक पर रखकर ढाबा संचालक से अनुचित मांग और युवती का अपहरण कर छेड़खानी की। इसमें इसका साथी सिपाही महेंद्र यादव भी शामिल रहा। महेंद्र यादव जौनपुर जिले का रहने वाला है।

आजमगढ़ जिले का रहने वाले उमाशंकर यादव की गिनती थानाध्यक्ष के करीबियों में होती रही। सूत्र बताते हैं कि जिस मामले में वह हाथ डाल देता था, उसमें दरोगा भी नहीं बोलते थे। ऐसे कई मामले सामने आए लेकिन थाने स्तर से सुलझ जाते थे और शिकायकर्ता को पीछे हटना पड़ता था।

बताया जाता है कि अधिक दिनों से थाने पर तैनाती के चलते नगर व इलाके के कुछ सफेदपोश उसको संरक्षण देते थे। सोमवार की रात गोरखपुर के बेतियाहाता निवासी ढाबा संचालक पप्पू सिंह ने उसकी अनुचित मांग पूरी नहीं तो उनके घर में घुसकर बदसलूकी की।
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पास में किराए के कमरे में रहने वाली सिवान जिले की ब्यूटी पार्लर संचालिका की बड़ी बहन को साथी सिपाही महेंद्र यादव की मदद से जबरन स्कार्पियो से उठा ले गया। करीब साढ़े तीन घंटे रखने के बाद उसे लाकर कमरे में छोड़ दिया। पुलिस ने दूसरे दिन ढाबा संचालक का भी बयान दर्ज किया। सीओ डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि दोनों सिपाहियों की विभागीय जांच चल रही है।
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