साखोपार/कुशीनगर। कुशीनगर जितनी संभावना है, उसके अनुरूपी इसे विकसित किया जाएगा। इसका खाका खींचने के लिए केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और प्रदेश पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह बुधवार को कुशीनगर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिम्मेदारों के साथ पर्यटन विकास की संभावनाओं पर मंथन किया।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बुद्ध धर्म का अनुसरण करने वाले देश के पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके, इस दृष्टिकोण से इस स्थान को और अधिक कैसे विकसित किया जाए, इस पर राज्य सरकार के साथ बैठकर विचार करने और एक बार प्रत्यक्ष रूप से देखने के लिए कुशीनगर आया हूं।
उन्होंने कहा कि एएसआई, राज्य सरकार व भारत सरकार का टूरिज्म मिनिस्ट्री इन तीनों के साथ बैठकर एक विस्तृत प्लानिंग कर यहां का विकास किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न जगहों के निरीक्षण के बाद जल निकासी, कांच का ध्यान केंद्र, रैंप निर्माण, पर्यटन विकास के लिए आए धन की रिपोर्ट मांगी।
साथ ही संस्कृति विभाग की भूमि को एक करने, एनएच-28 से बुद्ध मार्ग तक रोड कनेक्टिविटी, बीच में पड़ने वाली किसानों की जमीनों को चेंज करने आदि के निर्देश प्रशासन, पुरातत्व, पर्यटन को निर्देश दिए। महापरिनिर्वाण मंदिर में दर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत में मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म (एमओटी) की ओर से बौद्ध सैलानियों के आतिथ्य के लिए आठ करोड़ रुपये की लागत से तमकुहीराज नगर पंचायत के समीप बने दो अतिथि गृह के बदहाली को लेकर पूछ गए सवाल पर जानकारी नहीं होने की बात कहकर चुप्पी साध ली।
इसके बाद क्षेत्रीय पर्यटन विभाग गोरखपुर के उपनिदेशक रविंद्र कुमार मिश्र से इसकी पूरी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कुशीनगर के पर्यटन विकास से संबंधित सभी पेंडिंग मामलों को जल्द से जल्द अपने निजी पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। कहा कि तीन महीनों में सभी मामले का निस्तारण हो जाएगा।
इस दौरान भंते डॉ. नंद रतन महाथेरो, माता धम्म नैना, डॉ. अनिल कुमार सिंहा, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुधीर राव, केशव सिंह आदि लोग मौजूद रहे।