पडरौना। वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किए जाने की मांग को लेकर जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ ने शिक्षक दिवस पर सांकेतिक विरोध का आह्वान किया। प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर शिक्षक काली पट्टी बांधकर विद्यालयों में शिक्षण कार्य किए।
जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों की नियुक्ति उस समय लागू वैधानिक और निर्धारित अर्हताओं को पूरा करने के बाद हुई थी। नियुक्ति के वर्षों बाद नई शर्त लागू कर अतिरिक्त परीक्षा की अनिवार्यता करना प्राकृतिक न्याय, वैध अपेक्षा और प्रशासनिक निष्पक्षता के अनुरूप नहीं है। संघ ने मांग की है कि ऐसे सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से पूर्णतः मुक्त किया जाए। उन्होंने बताया कि विरोध किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि वैधानिक एवं न्यायोचित अधिकारों की मांग को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखने के लिए है। संवाद