गंगुआ बाजार। तमकुहीराज के रामलीला मैदान में चल रहे श्रीराम कथा के सातवे दिन मंगलवार को कथा वाचक ने श्रीराम के वनवास और भरत मिलाप की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भरता का चरित्र त्योग, समर्पण व धर्म की प्रतिमूर्ति है।
कथा वाचक साध्वी स्मिता दीदी ने कहा कि भरत के त्याग, भाई के प्रति अटूट प्रेम और धर्मनिष्ठा को समाज के लिए आदर्श है। भरत ने सत्ता और वैभव को ठुकराकर बड़े भाई श्रीराम के प्रति जो समर्पण दिखाया, वह आज के समय में भी हर व्यक्ति के लिए अनुकरणीय है। इस दौरान महेश्वर प्रताप शाही, पूर्व विधायक डॉ. पीके राय, बबलू राय, अवधेश राय, संतोष सिंह, रमेशचंद्र यादव, सुधीर सिंह, जलेश्वर उपाध्याय आदि मौजूद रहे। संवाद