भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। अपनी पांच मांगों को लेकर प्रदर्शन करने के बाद कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
जिलाध्यक्ष रामचंद्र सिंह की अगुवाई में कार्यकर्ता जनपद मुख्यालय पर एकत्र हुए। उसके बाद प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां डीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। इनके ज्ञापन में किसानों के हित का ख्याल रखते हुए केंद्र सरकार से गेहूं का आयात रोकने की मांग की गई थी। इसके अलावा गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र लगाने और उसका तत्काल भुगतान करने, हर गांव के प्रत्येक घर में शौचालय बनवाने, ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने तथा राशनकार्डों में गड़बड़ी को दूर कर पात्रों को दिए जाने की मांग की गई। इस दौरान भाकियु भानु गुट के सीताराम मौर्य, प्रमोद कुमार वर्मा, रामपति सेन बौद्घ, राजेश्वर, रामप्यारे शर्मा, रामईश्वर साहनी, इंद्रावती देवी, मोलई निषाद, दीपचंद्र गुप्ता, नंदकिशोर, चुन्नीलाल, रामाधार, कुसुम देवी आदि मौजूद थीं।
एडीएम से मिले भाकियू के पदाधिकारी
पडरौना।
भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपनी सात मांगों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इसके बाद डीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष रणजीत सिंह की अगुुवाई में पहुंचे इन लोगों की मांग थी कि जनपद की सभी चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान तत्काल प्रभाव से कराया जाए। जनपद के समस्त गांवों में आवास, पेंशन और राशनकार्ड में धांधली की जांच कराई जाए। पूर्ति विभाग, विपणन विभाग एवं परिवहन के ठेकेदारों के जरिए चल रही राशन की कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए। भाकियू के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की यह भी मांग थी कि बंद पड़े सहकारी बैंकों में लेन-देन शुरू कराई जाए, ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को हुई क्षति का मुआवजा दिलाया जाए। गेहूं के क्रय केंद्र चालू कराए जाएं और अवैध बालू खनन पर रोक लगाई जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मंडल उपाध्यक्ष उदयभान यादव, मंडल सचिव रमाकांत तिवारी, जिला प्रभारी गुलबदन यादव, ब्लॉक उपाध्यक्ष रवींद्र सिंह, सागर कुशवाहा, रमाशंकर यादव, बद्री कुशवाहा, राकेश कुशवाहा आदि मौजूद थे।