कसया। नोटबंदी के बाद से ही रुपयों के लिए धक्का खा रहे लोगों को लगन के वक्त रुपयों की किल्लत बहुत खल रही है। बैंकों में कतार कम नहीं हो रही है और एटीएम पर ताला लटक रहा है। सबसे ज्यादे दिक्कत उन लोगों के सामने है, जिनके घर शादी है।
बीते नवंबर महीने से ही कुशीनगर जिले में रुपयों के लिए लोग परेशान हैं। फरवरी महीने में स्थिति में कुछ सुधार हुआ था, लेकिन मई महीने से फिर पुरानी स्थिति हो गई है। लोगों को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से भी जरूरत के हिसाब से रुपये नहीं मिल रहे हैं। बैंकों से भी खराब स्थिति एटीएम की है। कस्बे में 10 से अधिक एटीएम हैं, लेकिन शायद ही किसी में कैश मिल रहा है। सेंट्रल बैंक के शाखा प्रबंधक आरए मल्ल का कहना है कि खाताधारकों को पांच से 10 हजार रुपये देने में भी मुश्किल आ रही है। सुरेश, महेंद्र, रामनाथ, रंजीत, अरविंद आदि लोगों का कहना है कि अधिकांश एटीएम खाली रह रहे हैं। जिस एकाध एटीएम से रुपये मिल रहे हैं वहां कतार इतनी लंबी हो जाती है कि रुपये पाने के लिए घंटों तक धक्का खाना पड़ता है।