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खड्डा विधायक ने केंद्रीय मंत्रियों के भेजा पत्र

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केला को बड़ा बाजार मिले तो सुधरेगी किसानों की हालत
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पडरौना ( कुशीनगर)। धीरे-धीरे गन्ने जैसा नकदी फसल बन रहा केला अभी उचित मंडी नहीं होने के कारण किसानों को कम फायदा दे रहा है। बाहर से आए व्यापारी अपने दाम पर केला खरीदकर ले जाते हैं। किसानों की इस समस्या के मद्देनजर खड्डा विधायक ने केंद्रीय रेल मंत्रालय व खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय समेत कई विभागों को पत्र भेजकर जिले से बड़े कस्बों केे केला की सीधी आपूर्ति के लिए रेल की विशेष बोगी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। विधायक के पत्र पर खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय ने भी रेलवे मंत्रालय को पत्र भेजा है।
जिले में गन्ना किसानों की हालत खराब है। इससे उबरने के लिए अब किसान केला की खेती करने लगे हैं। अभी जिले में करीब नौ हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में केला की खेती होती है। केला उत्पादक किसान जयप्रकाश बताते हैं कि केला के लिए सबसे बड़ी समस्या स्थानीय स्तर पर मंडी का न होना है। इसके चलते कानपुर, गाजियाबाद, मेरठ समेत कई बड़े कस्बों के व्यापारी आते हैं तो उन्हें खेत में घूम घूमकर केला खरीदना पड़ता है। राम प्रवेश बताते हैं कि जब व्यापारी खेत में आते हैं तो दाम काफी कम हो जाता है। जो केला बाजार में 40 रुपये किलो बिकता है, वही व्यापारी खेत से 20 रुपये से भी कम दाम पर लेकर जाता है। लेकिन किसानों की इस समस्या का समाधान खोजने की दिशा में खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने पहला कदम बढ़ा दिया है। विधायक ने केंद्रीय वित्त मंत्री, खाद्य प्रसंस्करण मंत्री व रेल मंत्री को पत्र लिखकर अपने क्षेत्र में केला उत्पादन की जानकारी देते हुए गोरखपुर-नरकटियागंज रेल मार्ग पर एसी बोगी वाली मालगाड़ी चलाने की मांग की है।
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विधायक ने मांग रखी है कि इस रूट पर पनियहवा रेलवे स्टेशन से लखनऊ-कानपुर होते हुए दिल्ली तक आठ डिब्बा वाली ट्रेन भेजी जाए जिससे कि यहां उत्पादित केला को सीधे कानपुर व गाजियाबाद के मंडी तक पहुंचाया जाए। इससे एक तो किसानों को फसल का उचित मूल्य मिलेगा और दूसरे लोगों को खाने के लिए ताजा केला भी भी मिल सकेगा।
खड्डा क्षेत्र में अधिक बोया जाता है केला
सरकारी क्षेत्र की छितौनी चीनी मिल बंद होने के बाद से ही खड्डा और नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक के लोगों ने गन्ने की बुवाई कम कर दी है। इसकी जगह लोग धान-गेहूं के अलावा केला की खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। खेत में तैयार केला को खरीदने के लिए व्यापारी भी पहुंच रहे हैं। इसके अलावा विशुनपुरा, दुदही व सेवरही क्षेत्र में भी केला की खेती बहुतायत होती है।
परिवहन सेंटर से बढ़ेगा रोजगार
केला ढुलाई के लिए अगर गोरखपुर-नरकटियागंज रेल मार्ग पर कोई विशेष गाड़ी चलती है तो उसका केंद्र खड्डा व पनियहवा स्टेशन ही होगा। किसानों को अपनी उपज कम दूरी तय करके पनियहवा या खड्डा रेलवे स्टेशन तक लाना होगा। इससे इन दोनों स्टेशनों पर सामान की लोडिंग व अनलोडिंग के लिए भी लोगों की जरूरत बढ़ेगी, जिससे कि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
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शीघ्र मिल सकती है यह उपलब्धि
खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी का कहना है कि किसान रेल नेटवर्क योजना के तहत हमने प्रधानमंत्री, कृषि मंत्री, खाद्य प्रसंस्करण मंत्री समेत कई अफसरों भी पत्र लिखा है। उम्मीद है कि बहुत जल्द ही खड्डा क्षेत्र को एक खास उपलब्धि मिल जाएगी।
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