पडरौना। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दहेज हत्यारोपियों की जमानत याचिका निरस्त कर दी। बुधवार को आरोपियों ने अधिवक्ता के जरिए न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की थी।
रामअवध मौर्य की पुत्री गीता की शादी 18 फरवरी 2022 को विशाल पुत्र रमेश मौर्य के साथ हुई थी। शादी के एक साल बाद से ही पति विशाल व उसकी मां चंद्रावती देवी दहेज की मांग को लेकर उनकी पुत्री गीता को प्रताड़ित करने लगे। छह मार्च की रात करीब 11 बजे विशाल के मोबाइल से गीता ने अपने मायके वालों को फोन कर बताया कि उनके पति विशाल और सास चंद्रावती देवी दहेज के लिए मारपीट करने के साथ जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
बीते आठ मार्च की सुबह करीब छह पति विशाल ने फोन कर मायके वालाें को बताया कि गीता रात से ही गायब है। काफी तालाश के बाद उसका पता नहीं चल रहा है। इस मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी विशाल निवासी साकिन बलुआ नंबर दो पोखरिहवा टोला थाना अहिरौली बाजार व चंद्रावती देवी के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी ने बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार शशि की न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की। न्यायालय ने आपराध की गंभीरता से को देखते हुए आरोपियों की जमानत याचिका निरस्त कर दी।