पडरौना। बरवापट्टी थाना क्षेत्र के अंतिम छोर पर बसे अमवाखास के कपरधिक्का टोला स्थित राम जानकी मंदिर के पुजारी संत फलाहारी बाबा की हत्या को लेकर सीसीटीवी कैमरे और तस्करी से जो कनेक्शन जुड़े थे। पुलिस की जांच में उसे और मजबूती मिल रही है।
सूत्रों की मानें तो पुलिस के रिकॉर्ड में बरवापट्टी क्षेत्र का ही एक ऐसा शराब तस्कर है, जिसने जेल से छूटने के बाद बाबा फलाहारी महाराज की शरण ली और राम जानकी मंदिर में संत परंपरा का निर्वहन करना शुरू कर दिया। इस बीच मंदिर के आसपास से सीमावर्ती बिहार के इलाकों में हो रही तस्करी को लेकर बाबा ने कुछ संदिग्ध गतिविधि देखी तो उन्होंने दो माह पूर्व उसे मंदिर से हटा दिया।
सूत्र बता रहे हैं कि जिस तरह सीसीटीवी कैमरे को लेकर तस्करों को हटाने की हिदायत दिया जाना और बाबा से नाराज उक्त तस्कर का मंदिर परिसर से चले जाना, कहीं न कहीं हत्या में तस्करी से जुड़े सिंडिकेट के कनेक्शन की ओर इशारा कर रहे हैं। इससे पुलिस इस हत्या के खुलासे तक जल्द पहुंच सकती है।
बाबा फलाहारी महाराज के हत्या के बाद तरह तरह की चर्चाओं के बीच इस बात की भी चर्चा थी कि पुलिस की ओर से मंदिर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे से तस्करों में नाराजगी थी और वह उसे निकालने और बंद करने को लेकर समय-समय पर बाबा को तल्ख लहजे में धमकी भरे निर्देश देते थे।
100 मीटर पर बिहार के पश्चिम चंपारण का बगहा अनुमंडल क्षेत्र का शुरू होना, बिहार में शराब पहुंचने और समय-समय पर तस्करों की गिरफ्तारी इस बात की तस्दीक कर रही थी कि बाबा की हत्या के पीछे तस्करों का हाथ है। ऐसे में अब अन्य पहलू पर पुलिस ने जांच की जो मौत की गुत्थी में तस्करी का पहलू भी सामने आने लगा।
पुलिस के रिकॉर्ड में बरवापट्टी क्षेत्र का एक ऐसा शराब तस्कर हैं जो तस्करी के आरोप में जेल से छूटने के बाद बाबा के सानिध्य में रहता था। संत परंपरा का निर्वहन करने के साथ मंदिर में जुटे चंदे और चढ़ावे का फायदा उठाया करता था। गांव वालों के अनुसार दो माह पूर्व बाबा ने उक्त तस्कर में कुछ संदिग्ध गतिविधि में संलिप्त देखकर पहले हिदायत दी और बाद में उसे मंदिर से हटा दिया। इसके बाद से बाबा फलाहारी महाराज की हत्या हो गई। तस्करी से जुड़े तार और बाबा के उक्त तस्कर को मंदिर से भगाने की कहानी को लेकर पुलिस तफ्तीश कर रही है। गांव वालों के अनुसार इसी गांव का गायब साधु रिश्तेदार है। वह पहले नारायणी नदी में नाव चलाता था और शराब की तस्करी भी करता था। सीसीटीवी कैमरे बंद होना भी किसी करीबी या जानकार की ओर इशारा कर रहा है।