रहसू बाजार। कसया तहसील क्षेत्र के नदवा बिशुनपुर में बंदरों का उत्पात इतना बढ़ चुका था कि लोगों ने छतों पर बैठना व कपड़ा सुखाना तक छोड़ दिया था। बंदर घरों में घुसकर चावल, गेहूं, आटा व सब्जी उठा ले जा रहे थे।
मंगलवार को गांव के लोग हर घर से चंदा जुटाकर बंदर पकड़ने वाले शिकारियों को बुलाया। कड़ी मशक्कत के बाद दो दिनों में करीब 30 बंदरों को पकड़ा गया। तब जाकर गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। बंदरों को रात में ले जाकर जंगल में छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का कहना था कि बंदर कई लोगों को काटकर घायल भी कर चुके थे। लगभग 40 बंदर गांव में रहते थे जो साग-सब्जी को भी नुकसान पहुंचाते थे। ग्रामीण बंदरों से निजात पाने के लिए प्रशासन से कई बार शिकायत कर चुके थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।
इस दौरान प्रधान प्रतिनिधि विश्वविजय सिंह, हनुमान सिंह, सुरेन्द्र सिंह, ब्रजेश सिंह, राजेश सिंह, राजन सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।