सिद्धार्थनगर। उर्वरक वितरण में अनियमितता के मामले में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बर्डपुर ब्लॉक क्षेत्र के बी पैक्स बर्डपुर समिति में डीएपी वितरण में अनियमितता मिलने पर कर्मचारी अमित कुमार शुक्ल को निलंबित कर दिया गया है। वहीं बी पैक्स रेहरा बाजार और बी पैक्स बरदहा समिति में वित्तीय अनियमितता के मामले में पूर्व सचिव दुर्गेश कुमार पांडेय के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। दोनों मामलों में जांच के बाद कार्रवाई की गई है।
बी पैक्स बर्डपुर समिति में उर्वरक वितरण में अनियमितता की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच तहसीलदार नौगढ़ से कराई थी। जांच रिपोर्ट में डीएपी वितरण में अनियमितता सामने आई। एआर कोऑपरेटिव प्रकाश बहादुर गौतम ने बताया कि समिति पर बिना सीजन के ही डीएपी का वितरण किए जाने का मामला जांच में पाया गया है। जांच में कर्मचारी अमित कुमार शुक्ल की भूमिका सामने आने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर उसे निलंबित कर दिया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, उर्वरक वितरण के लिए निर्धारित प्रक्रिया और समय का पालन किया जाना जरूरी है। इसके बावजूद समिति पर डीएपी का वितरण किए जाने की शिकायत की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई है। वहीं, इटवा ब्लॉक क्षेत्र की बी पैक्स रेहरा बाजार और बी पैक्स बरदहा समिति में वित्तीय अनियमितता के मामले में पूर्व सचिव दुर्गेश कुमार पांडेय के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
दोनों समितियों के सचिव थे दुर्गेश
एआर कोऑपरेटिव प्रकाश बहादुर गौतम ने बताया कि दुर्गेश कुमार पांडेय दोनों समितियों में सचिव के पद पर कार्यरत रहे हैं। उनके कार्यकाल में वित्तीय अनियमितता की शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद मामले की जांच कराई गई। जांच में पूर्व सचिव को वित्तीय अनियमितता का दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने दुर्गेश कुमार पांडेय के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। अब संबंधित विभाग की ओर से मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
उर्वरक वितरण पर प्रशासन की नजर
जिले में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को निर्धारित मात्रा और प्रक्रिया के तहत उर्वरक उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन निगरानी कर रहा है। समितियों पर उर्वरक की उपलब्धता, वितरण और अभिलेखों की जांच की जा रही है। अनियमितता मिलने पर संबंधित कर्मचारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
उर्वरक वितरण में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे समितियों पर उर्वरक वितरण की व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
- प्रकाश बहादुर गौतम, एआर कोऑपरेटिव