ऑडिशन में युवाओं का झलका भोजपुरी के प्रति प्रेम
भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया ‘भाई’ की तरफ से आयोजित हुआ कार्यक्रम
कुशीनगर में भी भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया की शाखा खोलने की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। बिहार और पूर्वांचल की सुप्रसिद्घ भोजपुरी संगीत को लेकर युवाओं का प्रेम रविवार को झलक उठा। मौका था भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया ‘भाई’ की तरफ से पडरौना नगर के एक होटल में आयोजित ‘के बनी माटी के लाल’ के ऑडिशन का। इसमें युवाओं ने भोजपुरी संगीत की कजरी, सोहर, चैता विविध लोक विधाओं पर आधारित गीत प्रस्तुत कर हर किसी को अपना मुरीद बना दिया।
मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के बाद मुख्य अतिथि डॉ. आशीष ने कहा कि भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया ‘भाई’ लोक गीतों के संरक्षण का जो कार्य कर रहा है, वह निश्चित ही नई पीढ़ियों के लिए वरदान साबित होगा।
भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि चयनित प्रतिभागियों को क्वार्टर फाइनल में शामिल किया जाएगा। उसके बाद ग्रैंड फिनाले 19 अक्टूबर को गोरखपुर में आयोजित होगा, जिसमें विजेता को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार तथा चार उप विजेताओं को 5100-5100 रुपये पुरस्कार स्वरूप दिए जाएंगे। उन्होंने लोगों की मांग पर कुशीनगर में भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया की शाखा खोले जाने की घोषणा की, जिसका जिला संयोजक आरके भट्ट को नामित किया गया।
के बनी माटी के लाल सीजन-3 के इस ऑडिशन के अवसर पर पडरौना नगर के साथ-साथ जनपद के विभिन्न हिस्सों से 23 नवोदित युवा कलाकारों ने अपने गायन का मुजाहिरा किया, जिनमें अनामिका गुप्ता, दिव्यांशी शुक्ला, अभिषेक शुक्ला, राहुल जायसवाल, सद्दाम अंसारी, विकास कुमार, चमन मिश्रा, एकता भारती, अपराजिता मलिक, सोनू मल्लिक, राधे शर्मा आदि ने लुप्त हो रही लोक संगीत की विधाओं मसलन, कजरी, चैता, बारहमासा, विवाह संस्कार गीत, श्रम गीत की बेजोड़ प्रस्तुति कर निर्णायक मंडल को सोचने पर विवश कर दिया।
निर्णायक की भूमिका सारिका श्रीवास्तव एवं आर के भट्ट ने निभाई। कार्यक्रम का संचालन शिवेंद्र पांडेय तथा संयोजन सीमा देवी ने किया। अंत में रवि अग्रवाल ने कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। इस अवसर पर आरके भट्ट, रवि अग्रवाल, अभिषेक, राकेश मोहन, जितेंद्र श्रीवास्तव सहित कई लोग उपस्थित थे।