पिपरा कनक। साइबर ठग ठगी के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर लोगों को डराने और रुपये ऐंठने की कोशिश की जा रही है। शुक्रवार को पटहेरवा थाना क्षेत्र के हसनपुरा के गुलाम मुस्तफा को व्हाट्सएप कॉल कर खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने 20 हजार रुपये की मांग की। रुपये नहीं देने पर गंभीर केस में फंसाने की धमकी दी। युवक ने ठग की बातों को समझ लिया और फोन काट दिया। उसकी सूझबूझ से ठगी होने से बच गई।
गुलाम मुस्तफा पिपरा कनक चौराहे पर चाय की दुकान चलाते हैं। शुक्रवार दोपहर उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का बड़ा अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ क्राइम ब्रांच में मुकदमा दर्ज है। उसने मुकदमा खत्म कराने के लिए तत्काल 20 हजार रुपये भेजने को कहा। कॉलर ने धमकी दी कि यदि रुपये नहीं भेजे तो उन्हें गंभीर मामले में फंसा दिया जाएगा। ठग ने जल्द रुपये भेजने का दबाव भी बनाया।
बातचीत के दौरान गुलाम मुस्तफा को शक हो गया कि कोई व्यक्ति साइबर ठगी की कोशिश कर रहा है। उन्होंने तत्काल फोन काट दिया और मोबाइल बंद कर दिया। इससे वह ठगी का शिकार होने से बच गए। पटहेरवा थानाध्यक्ष प्रविंद्र राय ने बताया कि अभियान चलाकर लोगों को साइबर ठगों से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। ऐसे अधिकांश मामले सामने आ रहे हैं। जागरूकता से ही बचा जा सकता है।
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-पुलिस का सुझाव-धमकी से डरें नहीं
पुलिस, क्राइम ब्रांच या किसी अन्य सरकारी विभाग का अधिकारी बनकर फोन करने वाला यदि मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर रुपये मांगता है तो तुरंत सावधान हो जाएं। ऐसे कॉल पर कोई पैसा न भेजें और न ही बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी या अन्य निजी जानकारी साझा करें। संदिग्ध कॉल आने पर बातचीत का स्क्रीनशॉट या नंबर सुरक्षित रखें और साइबर अपराध की शिकायत 1930 पर करें।