सार्वजनिक अवकाश के चलते बैंक तीन दिन के लिए बंद हैं और एटीएम के शटर ही नहीं उठ रहे हैं। हाड़ कंपाती सर्दी के बावजूद रविवार को भी रुपये के लिए परेशान लोग एटीएम पर पहुंचे थे, लेकिन निराश लौटे। पडरौना नगर में 18 एटीएम हैं, लेकिन केवल एक ही खुला था।
नोटबंदी के कारण नौ नवंबर से शुरू हुई रुपये की परेशानी दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है। 10 दिसंबर को महीने का दूसरा शनिवार होने के कारण सभी बैंक बंद थे, रविवार को साप्ताहिक बंदी थी और सोमवार को बरावफात के कारण सभी बैंकों में अवकाश रहेगा। लग्र, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा की जरुरतों से जूझ रहे लोगों पर नोटबंदी आफत के समान दिख रही है। बंदी के दूसरे दिन भी लोग रुपये के लिए परेशान नजर आए। पडरौना नगर में सभी प्रमुख बैंकों के साथ-साथ विभिन्न निजी बैंकों के भी अपने एटीएम हैं, लेकिन एचबीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और इंडियन बैंक के इक्का-दुक्का एटीएम को छोड़ पिछले नौ नवंबर से ही सभी एटीएम बेकार साबित हुए हैं। इन बैंकों के एटीएम में से एचडीएफसी और एसबीआई के एटीएम ने ही नियमित रुपये दिए हैं। लेकिन रविवार को इन बैंकों के एटीएम की स्थिति भी बेहद खराब रही। केवल एचडीएफसी बैंक के जटहां रोड स्थित एक एटीएम से ही रुपये निकल रहे थे, जबकि अन्य सभी रुपये के अभाव में बंद पड़े थे। लिहाजा रुपये के लिए इस एटीएम के बाहर ग्राहकों की लंबी लाइन लगी रही।
आठ मेंसे एक भी एटीएम नहीं खुला
कस्बे में विभिन्न बैंकों की तरफ से आठ एटीएम लगाए गए हैं, लेकिन रविवार को इनमें किसी भी एटीएम में रुपये नहीं थे। अपनी विभिन्न आवश्यकताओं से आए लोगों को रुपये न मिलने से निराश ही लौटना पड़ा।
हाटा कस्बे में एसबीआई, पीएनबी, एचडीएफसी सहित अन्य बैंकों को मिलाकर कुल आठ एटीएम हैं। रविवार को यह सभी एटीएम बंद थे। लोग एटीएम खुलने की उम्मीद में एक से दूसरे एटीएम पर घूमते रहे।