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ठंड से दो की मौत, प्रशासन का इन्कार

Sun, 11 Dec 2016 11:14 PM IST
कुशीनगर/ अमर उजाला ब्यूरो
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आग तापते लोग - फोटो : अमर उजाला
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आकाश में छाए बादल और सर्द हवाओं ने एक बार फिर लोगों को निराश कर दिया। ठिठुरन और गलन के चलते रविवार को लोग जगह-जगह ठिठुरे नजर आए। वहीं दो महिलाओं की मौत हो गई। 
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बढ़ती ठंड के कारण लोग अपने बच्चों के साथ-साथ परिवार के वृद्धों और अन्य सदस्यों की सेहत को लेकर परेशान हो चले हैं। ठंड का प्रभाव इस कदर बढ़ गया है कि मवेशी की सुरक्षा और इनके चारे को लेकर पशुपालकों की चिंता भी बढ़ गई है। निहायत गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली अलग-अलग गांवों की दो महिलाओं की शनिवार की रात मौत हो गई। परिवार वालों का कहना इन महिलाओं की मौत ठंड लगने से हुई है। प्रशासन ठंड लगने मौत होने की बात से इनकार कर रहा है। जबकि इनमें एक महिला का अंतिम संस्कार चंदा जुटाकर करना पड़ा। 
एक सप्ताह बाद शनिवार को धूप खिली थी। लोगों का अनुमान था कि मौसम में धीरे-धीरे सुधार होगा और यह शीतलहर कम हो जाएगी, लेकिन हुआ इसके ठीक विपरीत। रविवार को सुबह से ही सर्द हवाएं चलने के साथ ही आकाश में बादल छाए रहे। शीतलहर के कारण लोग अपने घरों के आस-पास जलाए गए अलाव अथवा गर्म कपड़ों में दुबके रहे। अभिभावक अपने छोटे बच्चों को बाहर न घूमने की सलाह देते और घर के बुजुर्गों से बाहर न निकलने की गुजारिश करते नजर आए।
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इस ठंड ने अभी से बेजुबानों की दुश्वारी भी बढ़ा दी है। पशुपालक अपने मवेशियों को ठंड से बचाव के लिए परेशान तो हैं ही, उनके सामने चारे का संकट भी खड़ा हो गया है। उन्हें चिंता इस बात की होने लगी है कि ठंड में खुद को बचाएं या मवेशियों के लिए चारा लाने जाएं।
शहरी क्षेत्रों में दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। पहले से ही नोटबंदी की मार झेल रहे मजदूरों को इस ठंड में काम मिलने की रही-सही आश भी धूमिल हो गई है। रिक्शाचालक और अन्य छोटे श्रमिक भी इस ठंड में बेहद परेशान हैं। 
बेलवा कारखाना प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार की रात में पटहेरवा थाना क्षेत्र के विशुनपुरा उपाध्याय गांव में 65 वर्षीय विधवा महिला शहजादी की मौत हो गई। बताया जाता है कि रात में उन्हें ठंड लग गई थी। तंगहाली इस कदर थी कि रविवार को चंदा लगाकर उनका अंतिम संस्कार हुआ। इस महिला के दो बेटे थे, एक की मौत दो वर्ष पहले हो गई थी और दूसरे की मानसिक हालत ठीक नहीं है। शहजादी को मिलने वाले पेंशन से ही उनके दोनों बेटों के पत्नियों और अबोध बच्चों का गुजर बसर होता था। महिला का ब्रह्मभोज भी लोगों की मदद पर ही निर्भर है।
पिपरा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के जंगल जगदीशपुर गांव की 48 वर्षीय कयासी देवी की भी ठंड से मौत होने की सूचना है। 
शनिवार की रात भोजन करने के बाद बिस्तर पर सोने चली गई थीं, जो रविवार की सुबह मृत अवस्था में मिलीं। इनके परिवार की भी  आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय     बताई जाती है। 
दिनोंदिन बढ़ते ठंड को देखते हुए पटहेरवा, लक्ष्मीगंज, गुरवलिया बाजार सहित जनपद के सभी हिस्सों के लोगों ने सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाए जाने की मांग की है। ताकि लोगों को इस कड़ाके की ठंड से राहत मिल सके।
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