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Kushinagar News: प्रतिवाद मार्च से पहले आशाओं पर प्रशासनिक शिकंजा, हाउस अरेस्ट का आरोप

Mon, 11 May 2026 01:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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दुदही। लखनऊ में प्रस्तावित प्रतिवाद मार्च से पहले आशा कार्यकर्ताओं पर प्रशासनिक सख्ती का मामला सामने आया है। आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (ऐक्टू) के आह्वान पर आयोजित मार्च में शामिल होने जा रहीं आशा नेताओं ने पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाने और कई जिलों में नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने का आरोप लगाया है।
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जानकारी के अनुसार, लखनऊ में चारबाग से मुख्यमंत्री आवास तक प्रस्तावित प्रतिवाद मार्च में बड़ी संख्या में आशा, रसोइया, आंगनबाड़ी और अन्य स्कीम वर्कर्स के शामिल होने की तैयारी थी। कार्यकर्ता न्यूनतम वेतन, प्रोत्साहन राशि, सामाजिक सुरक्षा और लंबित भुगतानों की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले थे। इसी बीच रविवार सुबह गीता सिंह के नेतृत्व में जिले की आशा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ विशुनपुरा थाना पहुंचा। यहां उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया और कहा कि उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने से रोका जा रहा है। आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रदेश के करीब 18 स्थानों पर ऐक्टू नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया। वहीं, थानाध्यक्ष ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश पर एहतियातन कार्रवाई की गई है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि लंबे समय से आयुष्मान और गोल्डन कार्ड कार्य का भुगतान, कोविड काल का मानदेय, आभा आईडी निर्माण का बकाया तथा दस्तक व संचारी रोग अभियान की प्रोत्साहन राशि लंबित है। कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।
यूनियन नेताओं का कहना है कि 6 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई वार्ता में कई मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। चेतावनी दी गई कि मांगें पूरी नहीं होने पर 20 मई 2026 को जिला मुख्यालयों पर राज्यव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा।
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