फाजिलनगर। ब्रह्मस्थान परिसर में आयोजित हरिहर महायज्ञ में चल रहे श्रीराम कथा में कथा वाचक ने अभिमान को मनुष्य के पतन का सबसे बड़ा मार्ग बताया। उन्होंने श्रद्धालुओं को भक्ति, विनम्रता और ईश्वर की कृपा का महत्व बताते हुए कहा कि भगवान अपने भक्तों से अपार प्रेम करते हैं। भक्त के भीतर अभिमान का भाव उत्पन्न होने पर किसी न किसी बहाने भगवान भक्त के भीतर पनपे अभिमान का मर्दन कर देते हैं।
कथा वाचक पंडित आनंद भारद्वाज ने कहा कि अभिमान मनुष्य के पतन का सबसे बड़ा कारक है। भगवान अपने भक्तों को अभिमान के दुष्परिणामों से बचाने के लिए समय-समय पर उन्हें सीख देते हैं। उन्होंने कहा कि महाभारत काल में भी भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के मन में उत्पन्न हुए अभिमान का निवारण कर उन्हें कर्तव्य और समर्पण का वास्तविक मार्ग दिखाया था। ईश्वर की कृपा प्राप्त करने के लिए मनुष्य को सदैव विनम्र, सरल और सेवाभावी बने रहना चाहिए। कथा का शुभारंभ फाजिलनगर विधायक सुरेंद्र कुमार कुशवाहा, पूर्व ग्राम प्रधान प्रदीप राय व कन्हैया लाल स्वर्णकार ने व्यासपीठ का पूजन-अर्चन कर किया गया।
इस दौरान पद्मावती शाही, डाॅ. कमलेश शाही, मुन्ना शाही, कमलेश राय, जेडी राव, जटाधारी सिंह, रविंद्र सिंह, संदीप सिंह, रामेश्वर सिंह, रामकिशुन चौरसिया, अनिल जायसवाल, राजेश जायसवाल, हीरालाल गुप्ता, दीनदयाल श्रीवास्तव, पतिराज प्रसाद, रामाशीष सिंह, चुटकी बाबा, शिवनारायण आदि मौजूद रहे।