खराब रोशनी में भी विमानों के उतरने की होगी सुविधा
कसया (कुशीनगर)। एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया की चार सदस्यीय टीम बुधवार को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कुशीनगर पहुंची। टीम ने एयरपोर्ट पर घने कोहरे, अंधेरे व बारिश के वक्त भी विमानों की लैंडिंग की व्यवस्था का जायजा लिया। इसके लिए एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंटल लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) व डीबीओआर (डाप्लर बेरी ओमनी रेंज) से लैस किए जाने का बात कही गई। इसके लिए आवश्यक संसाधनों पर विचार-विमर्श भी किया। यह सिस्टम लग जाने से कम दृश्यता में भी विमानों को उड़ान की सुविधा होगी।
टीम की अगुवाई कर रहे अथारिटी के संयुक्त महाप्रबंधक जगतार सिंह ने कहा कि यहां विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ के लिए शीघ्र ही आईएलएस से संबंधित काम भी एयरपोर्ट अथारिटी की तरफ से शुरू कर दिया जाएगा। टीम के सदस्य एयरपोर्ट के रनवे के पश्चिम तरफ अंतिम छोर पर पहुंचे और नक्शे से रनवे व लगाई जाने वाली लाइट के बीच की आवश्यक दूरी का मापन भी किया। इस दौरान सिविल एयरपोर्ट गोरखपुर के डायरेक्टर एके द्विवेदी से बातचीत कर आवश्यक जानकारी जुटाई। टीम एयरपोर्ट पर सुविधाओं व तैयारी को लेकर संतुष्ट नजर आई। इस मौके पर उप महाप्रबंधक मनजीत सिंह, सहायक महाप्रबंधक अंकुर सिंह, मौसम वैज्ञानिक टीबी सिंह, डीजीएम एटीसी संजय कुमार नारायण, प्लानिंग अफसर मोहम्मद नसीम आदि मौजूद रहे।
आईएलएस के लिए चौड़ाई में अभी भूमि नहीं : एनपी कोरी
निर्माणाधीन कुशीनगर एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंटल लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) के लिए चौड़ाई में अभी कुछ चिह्नित स्थलों पर आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं, जिसके चलते इन स्थलों पर आईएलएस के लिए और भूमि चाहिए। जबकि डीजीएम सिविल एनपी कोरी ने बताया कि रनवे की लंबाई में लगाए जाने वाले आईएलएस में कोई दिक्कत नहीं है। लंबाई में काम शुरू कराया सकता है। तब तक चौड़ाई के लिए भूमि का अधिग्रहण हो जाएगा। आईएलएस की मानीटरिंग के लिए भी भवन भी बनेगा।
छह गांवों से ली जानी है 31 एकड़ भूमि
आईएलएस को चौड़ाई में लगाने के लिए छह गांवों की लगभग 31 एकड़ से कुछ अधिक भूमि ली जानी है। भूमि का मूल्यांकन करने वाली राजस्व टीम के मुताबिक, भलुही मदारी पट्टी, बेलवा दुर्गा राय, नरायनपुर, नकहनी, परसहवा व खोराबर के 113 प्रभावित लोगों से भूमि ली जाएगी। इसके अलावा भलुही मदारी पट्टी व बेलवा दुर्गा राय के 62 मकान भी शामिल हैं। लगभग 20 करोड़ रुपये भूमि के बदले देना है। राजस्व टीम ने सर्वे करके मूल्यांकन व मुआवजे की रकम आदि का आकलन कर रिपोर्ट भेज दी है। बजट उपलब्ध होते ही भूमि अधिग्रहण का काम शुरू हो जाएगा।